शिवपुरी।कलेक्टर अनुग्रह पी ने कल शहर का भूगोल जानने हेतु सड़कें, अस्पताल और
गौशाला का निरीक्षण किया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान दामोदर नामक युवक
ने कलेक्टर से शिकायत की कि उसकी मां टीबी वार्ड में भर्ती है उनकी सांसें
फूल रही हैं, लेकिन अभी तक किसी भी डॉक्टर या नर्स ने उन्हें नहीं देखा इस
पर कलेक्टर ने सीएस को मामले को दिखाने के लिए बोला। जिसके परिणामस्वरूप
डॉ. खरे स्वयं वार्ड में पहुंचे और उन्होंने डॉक्टर को बुलवाकर महिला का
चैकअप करवाया।
कल देर शाम कलेक्टर अनुग्रह पी अचानक शहर भ्रमण
पर निकलीं। इस दौरान उन्होंने शहर की सड़कों की स्थिति देखी तत्पश्चात वह
लुधावली स्थित गौशाला पहुंची जहां उन्होंने गौशाला के हालातों को समझा एवं
आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद वह अस्पताल पहुंची जहां उन्होंने ब्लड बैंक
में जानकारी हासिल की कि किस तरह से मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जाता है।
अस्पताल में कलेक्टर ने जच्चा बच्चा की मौत का रजिस्टर मांगा, लेकिन उन्हें
अस्पताल प्रशासन रजिस्टर उपलब्ध नहीं करा पाया। इस पर कलेक्टर ने सीएमएचओ,
डॉ. एलएल शर्मा और सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे को निर्देश दिए कि आप जो डेटा
ऑनलाइन करते हैं वह मुझे उपलब्ध कराएं। इसके बाद कलेक्टर आयुष्मान भारत
योजना के ऑफिस पहुंची और उन्होंने वहां पर लाभार्थियों की संख्या, पैसे
ट्रांसफर की प्रोसेस और मरीजों को लाभ मिलने की प्रक्रिया के बारे मेें
जानकारी ली। कलेक्टर ने वार्डों के निरीक्षण का मन बनाया, लेकिन लिफ्ट चालू
न होने से वह वहां सेे लौट गइंर्ं।
पर निकलीं। इस दौरान उन्होंने शहर की सड़कों की स्थिति देखी तत्पश्चात वह
लुधावली स्थित गौशाला पहुंची जहां उन्होंने गौशाला के हालातों को समझा एवं
आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद वह अस्पताल पहुंची जहां उन्होंने ब्लड बैंक
में जानकारी हासिल की कि किस तरह से मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जाता है।
अस्पताल में कलेक्टर ने जच्चा बच्चा की मौत का रजिस्टर मांगा, लेकिन उन्हें
अस्पताल प्रशासन रजिस्टर उपलब्ध नहीं करा पाया। इस पर कलेक्टर ने सीएमएचओ,
डॉ. एलएल शर्मा और सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे को निर्देश दिए कि आप जो डेटा
ऑनलाइन करते हैं वह मुझे उपलब्ध कराएं। इसके बाद कलेक्टर आयुष्मान भारत
योजना के ऑफिस पहुंची और उन्होंने वहां पर लाभार्थियों की संख्या, पैसे
ट्रांसफर की प्रोसेस और मरीजों को लाभ मिलने की प्रक्रिया के बारे मेें
जानकारी ली। कलेक्टर ने वार्डों के निरीक्षण का मन बनाया, लेकिन लिफ्ट चालू
न होने से वह वहां सेे लौट गइंर्ं।






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