
विधायक सुरेश धाकड राठखेड़ा ने झण्डाबंधन कर किया संदेश वाचन
धीरज ओझा बैराड़ । नगर के शा.उ.मा.वि.बैराड़ में 70वां राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस बडे ही धूम धाम से व हर्षोउल्लस के साथ मनाया गया , बच्चो के हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिये हुऐ, मुख्य कार्यक्रम नगर के शा.उ.मा.वि.परिषद बैराड़ में पोहरी विधायक सुरेष धाकड राठखेड़ा द्वारा माँ सरस्वती भारत माता बीर शहिदों के चित्रों पर दीप प्रचुलित कर माला अर्पण कर ध्वजारोपण कर सलामी दी गई , राष्ट्रीय गान होने के बाद पोहरी विधायक सुरेश धाकड राठखेड़ा ने मुख्यमंत्री जी के वाचन करते हुए कहा भृष्टाचारियों के खिलाफ सरकार बड़ा कदम उठा रही है और किसानों की सरकार किसानों के प्रति फैसले ले रही है , युवाओं के लिये रोजगार के अवसर दिये जा रहे हैं , सरकार ने जो संकल्प लिया है वो पूरा करेगी । कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्रों द्वारा देष भक्ति गीत के साथ कार्यक्रम को आगे बड़ाया , इस मौखे पर उपस्थिति विद्यालय के स्टाफ द्वारा तालिया बजाकर छात्र-छात्रों का उत्साह बर्धन किया । इस मौखे पर पोहरी विद्यालय सुरेष धाकड राठखेड़ा नगर परिषद अध्यक्ष सुशीला दौलत सिंह रावत, प्राचार्य श्रीमती अर्चना शर्मा , गिरीष शर्मा , अजयषंकर त्रिपाठी , महेष गुप्ता , योगेष शर्मा , अमरसिंह कुषवाह , कैलाष पाण्डे , माखन सिंह धाकड़ पत्रकार एवं समस्त विद्यायालीन स्टाफ उपस्थित थे ।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्राचार्य ने की गणमान्य नागरिक एवं पत्रकारों की उपेक्षा
26 जनवरी के पावन पर्व पर सभी शासकीय अषासकीय कार्यालयों पर ध्वजारोहण पर शहीदों को याद किया जाता है व इसी समय विद्यालयों में नगर के गणमान्य प्रतिष्ठ एवं जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है , इस वार के गणतंत्र दिवस के अवसर पर शा.उ.मा.वि.बैराड़ के प्राचार्य द्वारा नगर के गणमान्य प्रतिष्ठित एवं पत्रकारों की उपेक्षा गणतंत्र पर्व पर की गई । विद्यालय में गणतंत्र पर्व पर छात्रों के पालकों को भी आमंत्रित किया जाता है व छात्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रम उनके समक्ष प्रस्तुत किये जाते है , जिससे पालकों को छात्रों की गतिविधियों के बारे में पता चलता रहता है , इतना ही नहीं प्राचार्य महोदया स्वयं मुख्यालय पर निवास नही करती है जब ही विद्यालयीन स्टाफ अधिकांष षिवपुरी सबलगढ़ पोहरी से अप डाउन करते है, उनको छात्रों की पढ़ाई से कोई मतलब नहीं है यदि छात्रों से पूछा जाये तो पता चल जायेगा , विद्यालय में कितनी कक्षायें नियमित एवं समय पर लगती है। प्राचार्य महोदय के कुछ चहेते षिक्षक को बाबू गिरी का कार्य करते हैं। अध्यापकों से मोटी रकम लेकर कार्य करते हैं एवं मनमाने तरीके से ऐरियल व क्रमोन्नत वेतन के ऐरियल निकाले जाते हैं। जो षिक्षक सेवा देता है उनका ही ऐरियर की राषि निकलती है विद्यालयीन षिक्षक ट्यूषन वाजी में लिप्त रहते हैं , उनको विद्यालयीन पढाई से कोई मतलब नहीं है प्रेन्सीफल के नाम पर नाम मात्र की प्रयोगषाला है जिसमें षिक्षक कभी भी प्रयोगषाला का ताला नहीं खोलते है उनको तो वस पर लटकने की पड़ी रहती है।






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