खनियांधाना। खनियांधाना किले के 300 साल पुराने रामजानकी मंदिर से51 किलो वजनी सोने का कलश 25 जुलाई 2018 को चोरी हो गया था। प्रदेश भर में
सनसनीखेज इस वारदात से सनाका खिच गया था लेकिन कलश चुराने वाले आरोपित नहीं
पकड़े गए थे। जिससे जैन समाज सहित अन्य लोग आज तक इस घटना को भूले नहीं,
लेकिन सोमवार को जब दतिया पुलिस ने खुलासा किया कि उनके हाथ दतिया के एक
मंदिर से चोरी करने वाले आरोपित पकड़े हैं। उन्होंने खनियांधाना से कलश
चुराना भी कबूला है तो जिले भर में उत्सुकता बढ़ गई।
एसपी राजेश हिंगणकर ने तथा खनियांधाना नगर परिषद के अध्यक्ष और राजपरिवार
के सदस्य शैलेन्द्र सिंह बुंदेला ने जब इस बात की पुष्टि की तो
खनियांधानावासियों की खुशी का ठिकाना न रहा। हालांकि पकड़े गए आरोपियों से
फिलहाल कलश बरामद नहीं हो सका क्योंकि उन्होंने उसे बेच दिया, लेकिन वारदात
किस तरह अंजाम दी गई। कैसे आरोपित खनियांधाना आए, इस बात से पर्दा उठ गया
है। बता दें कि पकड़े गए आरोपित अजय पटवा व विनोद अहिरवार ने बताया कि वे
कलश चुराने के लिए बाइक से खनियांधाना पहुंचे थे। दतिया के मावई गांव के
रहने वाले इन आरोपितों ने बताया कि चोरी से पहले रेकी भी की गई थी। चोरी की
घटना को अंजाम दिया था।
सीसीटीवी कैमरों में कैद न हो, इसलिए आए थे बाइक से
पकड़े गए आरोपित इतने शातिर हैं कि उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम देने
के लिए फोर व्हीलर नहीं बलकी बाइक को चुना और वह बाइक पर सवार होकर
खनियांधाना पहुंचे। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वह कस्बे में लगे किसी
भी सीसीटीवी कैमरे में कैद न हो, इसके लिए उन्होंने बाइक का इस्तेमाल किया
और कार या अन्य वाहन की वजाय वह बाइकों पर सवार हो आए। वारदात को अंजाम
देकर बाइक से ही फरार हो गए।
फरार मास्टर माइंड ने की थी कई बार रेकी
पकड़े गए आरोपित अजय और विनोद ने बताया कि इस चोरी का मास्टर माइंड जो
फरार है, उसने ही खनियांधाना आकर रेकी की थी। वह कई बार खनियांधाना आया और
उसने पूरी तरह से रेकी करने के बाद ही अपने पांच साथियों को तैयार किया।
उसके बाद वह खनियांधाना आए और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। अजय और विनोद
ने बताया कि बाकी के अन्य साथी पहली बार ही वारदात को अंजाम देने के लिए
खनियांधाना आए थे।
1 लाख रुपए का इनाम रखा था राज परिवार ने, एसपी ने 10 हजार का
कलश
चोरी की घटना के बाद खनियांधाना के राज परिवार ने कलश चोरी का सुराग बताने
वाले को 1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। वहीं शिवपुरी एसपी राजेश
हिंगणकर ने भी चोरी का सुराग बताने वालें को 10 हजार रुपए का इनाम घोषित
किया था।






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