
बिना अनुमति के मेडीकल स्टोर से लेकर पैथॉलोजी के साथ संचालित हो रहा अस्पताल
सुनील रजक शिवपुरी। कोलारस अनुविभाग कोलारस सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं। यहां बिना किसी डिग्री के झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं है। जानकारी होने के बावजूद भी इन झोलाछापों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। तमाम शिकायतों के बाद राजएक्सप्रेस की टीम ने कोलारस में एक मल्टी क्लीनिक के नाम से संचालित अस्पताल का स्टिंग ऑपरेशन किया। टीम द्वारा प्रायोजित तरीके से अपना ऑपरेशन प्रारंभ किया। इस दौरान टीम द्वारा अपने साथी अनिल धाकड़ उर्फ रामकुमार को मरीज बनाकर अस्पताल में भेजा। अस्पताल में मौजूद दिलीप धाकड़ से कहा कि उसे सिर दर्द और ठंड की शिकायत है। इसके बाद डॉक्टर ने तत्काल बीपी चैक किया एवं तुरंत दो ब्लड चैक लिख दिए। ब्लड टेस्ट लिखते ही मरीज ने डॉक्टर ने कहा कि यहां कोई पैथोलॉजी नहीं है मैं शिवपुरी में जाँच करा लूं। इस पर डॉक्टर साहब ने फटाक से जबाव दिया। हमारे यहां पैथोलॉजी, मेडीकल से लेकर सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टर ने तो यहां तक कहा कि हमारे यहां तो लोग डेंगू का इलाज कराने ग्वालियर तक से आते हैं। इस संबंध में जब कोलारस बीएमओ डॉ. अल्का त्रिवेदी से संपर्क करना चाहता तो उनका मोबाइल लगातार बंद जा रहा था।
स्वस्थ युवक को बना दिया मलेरिया का मरीज
डॉक्टर ने अनिल का ब्लड टेस्ट किया और 10 मिनट में रिपोर्ट सामने आ गई। उक्त रिपोर्ट उपकार पैथोलॉजी की थी जिसमें अच्छे खासे स्वस्थ अनिल को मलेरिया का मरीज बता दिया और इसके बाद डॉक्टर ने उसे तमाम दवाएं लिख डाली। अंत में डॉक्टर ने अनिल को 2500 रुपए का मोटा बिल थमा दिया।
बिना अनुमति के संचालित हो रही पैथोलॉजी
जिला स्वास्थ्य अधिकारी से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि कोलारस में एक भी पैथोलॉजी की परमिशन हमारे द्वारा नहीं दी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि मल्टी क्लीनिक में संचालित हो रही उपकार पैथोलॉजी नियमों के विरूद्ध संचालित हो रही है। वहीं अस्पताल में धाकड़ मेडीकोज के नाम से मेडीकल का भी संचालन किया जा रहा है।
जाँच में जिसके हस्ताक्षर वह मिला गायब
अनिल की जो मलेरिया की रिपोर्ट आई उस जांच पर जिस डॉक्टर के हस्ताक्षर हो रहे थे उस डॉक्टर का क्लीनिक में कोई अता पता नहीं था। इससे ऐसा लगता है कि पैथोलॉजी का संचालन भी किसी और के नाम से किया जा रहा है और मौके पर मरीजों को कोई दूसरा व्यक्ति हैंडल कर रहा है। इस प्रकार झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा खुलेआम मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
डॉक्टर के पास नहीं है एमबीबीएस की डिग्री
जब हमारी टीम द्वारा दिलीप धाकड़ से पूछा कि आपके पास एमबीबीएस की डिग्री है क्या तो उनका जबाव था कि उनके पास बीएमएच की डिग्री है।
इनका कहना है
-कोलारस में कोई भी पैथोलॉजी रजिस्टर्ड नहीं है। इस तरह के मामलों में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। मामले में सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. ए.एल. शर्मा
सीएमएचओ शिवपुरी
-आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। मामले को दिखवाकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
आशीष तिवारी
एसडीएम कोलारस






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