
जिस कलश को करोड़ो का बताया जा रहा था उसमें मात्र 48 ग्राम सोना निकला
चोरों ने तीन बार पहले भी कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए
पुलिस ने पांच आरोपी पकड़े , मास्टरमाइंड फरार , और भी चोरियों का हो सकता है खुलासा
खनियांधाना। करीब 8 माह पहले खनियाधाना के राज महल स्थित राम जानकी मंदिर से सोने के चोरी हुए कलश के मामले का आज पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया । जिस सोने के कलश को आधा क्विंटल बजनी बताकर करीब 15 करोड़ रुपए कीमत का बताया जा रहा था चोरों के मुताबिक वह मात्र साढे 12 किलो का निकला तथा उस पर मात्र सोने का पानी चढ़ा हुआ था जिसको गलाने पर सिर्फ 48 ग्राम सोना निकला जिसे चोरों ने आपस में बांट लिया था । यह जानकारी आज खनियाधाना थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने देते हुए बताया कि पुलिस ने चोरी में शामिल 5 लोगों को पकड़ लिया है तथा छठवां मुख्य अभियुक्त जो कि मास्टरमाइंड है उसकी तलाश जारी है । पुलिस ने आरोपियों से 40 ग्राम सोना बरामद कर लिया है तथा वारदात में प्रयुक्त कटर मशीन तथा दो मोटर साइकिलें भी जप्त कर ली है ।
जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिवपुरी राजेश हिंगणकर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर के निर्देशन में तथा रत्नेश तोमर एसडीओपी पिछोर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खनियाधाना दिलीप पांडे को दिनांक 18 मार्च को सूचना प्राप्त हुई कि खनियाधाना में हुई मंदिर की चोरी के संबंध में अजय पटवा निवासी मवई एवं विनोद अहिरवार निवासी मवई के दतिया सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 59 / 18 मैं मंदिर से दान पेटी चोरी के जुर्म में दोनों आरोपी गिरफ्तार हुए थे । जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने खनियाधाना की राज महल की चोरी को भी स्वीकार किया तथा इसमें उनके साथ कोमल ढीमर निवासी आगोरा , मुन्ना राजा परमार निवासी ग्राम आग़ोरा , अजय पटवा निवासी मवई , हुकुम सिंह लोधी निवासी थाना रक्सा भी शामिल थे । राकेश सोनी की खनियाधाना में रिश्तेदारी होने के कारण वह खनियाधाना आता जाता रहता था तथा करीब साढे 4 साल पहले खनियाधाना में उसे जानकारी मिली की मंदिर पर शुद्ध सोने का कलश चढ़ा हुआ है जिस पर उसकी नियत खराब हुई और पिछले 4 साल में उसने तीन बार विभिन्न लोगों को साथ में लाकर कलश को उतारने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाया । करीब 8 माह पूर्व घटना दिनांक को भी वह 5 लोगों को दो मोटरसाइकिलों से लेकर खनियाधाना रात्रि करीब 11 बजे पहुंचा तथा दोनों मोटरसाइकिल श्मशान घाट के पास बाउंड्री में खड़ी कर दी और वहीं 2 घंटे तक बैठ कर चोरी की योजना बनाते रहे रात्रि में करीब 1-2 बजे के बीच सभी पैदल चलकर राम जानकी मंदिर पहुंचे तथा मंदिर में बनी आसपास बाउंड्री के ऊपर एक दूसरे की सहायता से बाउंड्री कूदकर मंदिर में लगे जीना से छत के ऊपर पहुंचे । अजय पटवा ने सबसे ऊपर चढ़कर लोहे का तोता पाना से कलश का ऊपर का हिस्सा खोला इसके बाद क्रम से पूरे हिस्से निकाल कर नीचे खड़े साथियों को दिए और वहां से कलश को बोरे में भरकर मोटरसाइकिल से ही रात में दतिया पहुंच गए । आरोपियों के मुताबिक पांचों कलशों का वजन करीब 12 किलो था । घर पर लाकर जब मशीन से कलश को काटा गया तथा तेजाब में गलाया तो पूरा कलश तांबे का निकला जो पानी बन कर उड़ गया तथा शेष सोना रह गया जो 48 ग्राम निकला जिसको छह आरोपियों ने 8-8 ग्राम बांट लिया । जिसको पुलिस ने आरोपियों से जप्त कर लिया है तथा प्रकरण में शेष एक आरोपी कोमल डिमर निवासी आनंदपुर फरार है जिसकी तलाश जारी है तथा यही पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बताया गया है यह अलग-अलग टीमों से अलग-अलग स्थानों पर वारदातें कर आता था तथा अतरौली के जैन मंदिर से गई मूर्ति चोरियों में भी इसका हाथ हो सकता है। उक्त कार्रवाई में थाना खनियाधाना के स्टाफ नगर निरीक्षक दिलीप पांडे , उपनिरीक्षक आर एस चौहान, रामबरन सिंह तोमर , शाकिर अली , अरुण मेवाफरोश, आरक्षक नीलम शर्मा , हरिओम गुप्ता एवं एन आर एस देवेश पाठक के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया।






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