
पूरी गंभीरता एवं आत्मविश्वास के साथ दल के सदस्यों को प्रशिक्षण दें
शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती अनुग्रहा पी ने मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान दल के सदस्यों को मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने में मास्टर ट्रेनर्स की अहम भूमिका है। मास्टर ट्रेनर्स भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ अध्ययन करें। किसी भी प्रकार के डाउटस् होने पर उनका निराकरण भी प्रशिक्षण के दौरान ही करें। जिससे दल के सदस्य बिना किसी परेशानी के मतदान सम्पादित करा सकें।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती अनुग्रहा पी आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में मतदान दल के सदस्यों के प्रशिक्षण देने हेतु नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण को संबोधित कर रही थी। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर आर.एस.बालोदिया, उपजिला निर्वाचन अधिकारी मकसूद अहमद, मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रो. श्याम सुंदर खण्डेलवाल सहित अधिकारी आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण देने में मास्टर ट्रेनर्स की अहम् भूमिका है, मास्टर ट्रेनर्स मतदान दल के सदस्यों को आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए वे प्रशिक्षण के दौरान ही मतदान दल के सदस्यों से ईव्हीएम एवं वीवीपेट के ऑपरेट करने का भी प्रशिक्षण प्रदाय करें। उन्होंने बताया कि ग्वालियर संसदीय क्षेत्र क्रमांक-3 के तहत जिले की पोहरी एवं करैरा विधानसभा क्षेत्र शामिल है। जबकि गुना संसदीय क्षेत्र के तहत जिले की शिवपुरी, पिछोर और कोलारस विधानसभा क्षेत्र शामिल होने के कारण मतदान दल के सदस्यों को भी यह जानकारी स्पष्ट रूप से बताई जाए। उन्होंने इस दौरान मॉकपोल, ईडीसी, ईवीएम, वीवीपेट मशीन का मतदान के दौरान उपयोग, विभिन्न प्रपत्रों के पूर्ण किए जाने की जानकारी दी।
अपर कलेक्टर आर.एस.बालौदिया ने प्रशिक्षण में कहा कि मास्टर ट्रेनर्स मतदान दल के सदस्यों को स्पष्ट रूप से बताए कि वे पीठासीन की पुस्तिका का गंभीरता के साथ अध्ययन करें। प्रशिक्षण के दौरान ईव्हीएम के ऑपरेट करने आदि के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी जाए। प्रशिक्षण में मतदान दल के सदस्यों को यह भी बताया जाए कि मतदान के कार्य को पूरे आत्मविश्वास के साथ करें।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी मकसूद अहमद ने कहा कि मतदान के दौरान मतदाता सूची में पुरूष मतदाता होने पर पुरूष के कॉलम में क्रॉस का निशान जबकि महिला मतदाता होने पर क्रॉस के साथ गहरा गोला लगाना होगा। थर्ड जेण्डर के मामले में सही का निशान लगाना होगा।
मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रो.श्याम सुंदर खण्डेलवाल ने मतदान दल के सदस्यों के रूप में पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकार क्रमांक-1, 2 एवं 3 के द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष मतदाता की पहचान हेतु मतदान को ईपीक कार्ड के अलावा 11 दस्तावेज निर्धारित किए है। जिसमें से मतदाता को एक पहचान पत्र साथ में लाना होगा।
उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्र पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होने पर पीठासीन अधिकारी को तत्काल सेक्टर ऑफिसर के संज्ञान में लाना होगा। जो जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित करेंगे।
श्री खण्डेलवाल ने कहा कि आयोग द्वारा जो दिशा-निर्देश जारी किए गए है, उनका पूर्णता पालन किया जाए। जिसकी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान मतदान दल के सदस्यों को दें। श्री खण्डेलवाल ने बताया कि वास्तविक मतदान के 1 घण्टे पूर्व दो पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति में मॉकपोल कराया जाए। 15 मिनिट तक पोलिंग एजेंट उपस्थित न होने पर निर्धारित समय पर मतदान शुरू करें। मॉकपोल के दौरान कम से कम 50 मत आवश्यक रूप से डाले जाए। लेकिन सभी प्रत्याशियों के (नोटा सहित) एक-एक मत आवश्यक रूप से डलवाए जाए। मॉकपोल के उपरांत क्लीयर बटन आवश्यक रूप से दवाया जाए।
वास्तविक मतदान प्रक्रिया के संचालन हेतु प्रत्येक एक-एक घण्टे के अंतराल से मतदाता रजिस्टर 17ए तथा कंट्रोल यूनिट का टोटल बटन दबाकर डाले गए मतो का मिलान करें। प्रत्येक दो-दो घण्टे के अंतराल से पीठासीन अधिकारी की डायरी में डाले गए मतों की प्रविष्टि करें।
उन्होंने बताया कि मतदान समाप्ति के 05 मिनिट पूर्व घोषणा करें तथा मतदान परिसर में प्रविष्ट अंतिम मतदाता से आरंभ करते हुए हस्ताक्षरित पर्चियों का वितरण करें। अंतिम मतदाता के मतांकन के पश्चात कंट्रोल यूनिट के क्लोज बटन दबायें। टोटल का बटन दबाकर डाले गए मतों की संख्या को 17सी भाग-1 के बिन्दु क्र.06 में दर्ज करें। कंट्रोल यूनिट के पावर स्विच को ऑफ करें। वीवीपेट की बैटरी अभिकर्ताओं की उपस्थिति में निकालकर वीवीपेट को शील्ड करना होगा।






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