
मथुरा: जनपद में पुलिस ने बरसाना की पहाड़ियों में रह रहे एक साधु को चीते की खाल के साथ गिरफ्तार किया है। वन विभाग द्वारा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शलभ माथुर ने बताया, ‘बरसाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोहनदास चेला श्यामदास नाम का एक साधु विलासगढ़ की पहाड़ी पर कुटिया बनाकर रह रहा है और उसके पास चीते की खाल है जिसका उपयोग वह आसन के रूप में करता है।’
उन्होंने बताया, ‘जानकारी की पुष्टि होने पर थानाध्यक्ष आजाद पाल सिंह ने सोमवार को अपनी टीम के साथ छापा मारकर उस साधु से चीते की खाल बरामद की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके आश्रम की सघन तलाशी ली गई किंतु कोई दूसरी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।’ माथुर ने बताया, ‘खाल को परीक्षण के लिए बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा जा रहा है।’
इस बारे में आरोपी बाबा मोहनदास का कहना है कि उसने किसी भी प्राणी को नहीं मारा और चीते की खाल उसे उसके गुरु श्याम दास ने 19 वर्ष पूर्व, सन् 2000 में दी थी। जेल भेजे गए इस साधु के खिलाफ वन विभाग ने भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9/51/33/38 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया है। गौरतलब है कि इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है, जहां पर साधु को चीते की खाल के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है।




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