
अहमदाबाद। गुजरात में पिछले एक साल में कुल 2,307 बच्चे लापता हुए है। लापता होने वाले ज्यादातर बच्चे 14 से 18 साल की उम्र के हैं। गृहराज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने विधानसभा में विभिन्न विधायकों के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए प्रेम प्रकरणों को जिम्मेदार करार दिया है।
जडेजा ने सदन में बताया कि लापता बच्चों में से 90 प्रतिशत बच्चें प्रेम प्रकरण के चलते घर से भाग जाते है। इन बच्चों में ज्यादातर 14 सै 18 वर्ष के है। अहमदाबाद में सबसे अधिक 431 बच्चें लापता हुए है। जिसमें 369 बच्चें वापस आ गए है। इसी तरह, राजकोट में 247 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 176 बच्चे वापस आ गए हैं।
उन्होंने कहा बताया कि पिछले एक साल में 2,307 बच्चे खो गए हैं, जिनमें से 1,804 बच्चे पाए गए हैं। कुल बच्चों में से 497 बच्चों ने अभी तक कोई पता नहीं चला है। उन्होंने दावा किया है कि 15 जिले में 10 साल के लापता बच्चों खोजने का एक भी मामला लंबित नहीं है। बच्चों को खोजने के लिए राज्य सरकार ने स्पेशियल ड्राइव टीम का गठन किया। सरकार ने वर्ष 2007 से लेकर अभी तकक 18 वर्ष तक के 42,899 लापता बच्चो में से 40,108 बच्चों को खोज निकाला है।





Be First to Comment