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Race-2 फिल्म देख नाम बना ‘गॉड फादर’, अफसरों-नेताओं को फोन लगाकर मांगी फिरौती ! Indore News

Race-2 फिल्म देख नाम बना 'गॉड फादर', अफसरों-नेताओं को फोन लगाकर मांगी फिरौती
इंदौर। पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल को एसएमएस व कॉल कर 50 लाख की प्रोटेक्शन मनी मांगने वाले आरोपित ने इंदौर कमिश्नर सहित कांग्रेस नेता और निगम अफसर से 25 लाख रुपए मांगना कबूला है। आरोपित की बहन नगर निगम के बगीचे में काम करती है। वह विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता के कार्यालय से नेताओं और अफसरों के नाम व नंबरों की सूची ले गई थी। आरोपित ने उसमें से फिरौती के लिए नामों का चुनाव किया। आरोपित ने रेस-2 फिल्म देखकर खुद का नाम ‘गॉड फादर” रखा था। वह जो मैसेज करता था, उसकी लाइन पर्ची पर लिखकर रख लेता था।
क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, आरोपित का नाम राजरतन (24) पिता अनिल तायड़े निवासी नर्मदा प्रोजेक्ट स्टोर आजाद नगर है। वह 12वीं तक पढ़ा है और मार्शल आर्ट्स की क्लास चलाता है। पूछताछ में उसने कबूला कि वह रुपए वसूल कर अमीर बनना चाहता था। इसके लिए सात माह से तैयारी में जुटा था। बहन कांग्रेस नेता शेख अलीम का चुनाव कार्यालय संभालती थी। विधानसभा चुनाव के दौरान शेख पूर्व विधायक पटेल के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए थे। आरोपित ने बहन के बैग से एक सूची निकाली, जिसमें अफसर और नेताओं के नाम व नंबर लिखे थे। उसी से वह लोगों को धमकाने लगा।

कांग्रेस नेता अलीम से कहा- तेरी हत्या कर दूंगा
आरोपित ने करीब 20 दिन पूर्व कांग्रेस नेता शेख अलीम को भी कॉल किया। उनसे कहा कि तेरी हत्या कर दूंगा। मैंने गोली मारने की फील्डिंग जमा ली है। शेख को लगा कोई ड्रग माफिया कॉल कर रहा है। उन्होंने उसे फटकारा और कहा तू कहां मिलेगा मेैं खुद ही आ जाता हूं। इसके बाद आरोपित ने मोबाइल बंद कर लिया। शेख ने क्राइम ब्रांच और साइबर सेल को शिकायत की।

स्वास्थ्य अधिकारी से कहा 25 लाख तैयार रख
आरोपित ने नगर निगम में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारी उत्तम यादव को 25 जून को चार बार मैसेज और कॉल किया। उनसे भी 25 लाख रुपए प्रोटेक्शन मनी मांगी। उन्होंने भी आरोपित की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। आरोपित ने कहा रुपए तैयार रखना वरना तीन दिन में गोली मार दूंगा। यादव ने लिखित शिकायत नहीं की लेकिन क्राइम ब्रांच को स्क्रीन शॉट्स भेजे थे।

अफसर बोले- रुपए नहीं दूंगा, पिटाई करूंगा, ट्रू कॉलर से पकड़ाया
आरोपित ने करीब तीन महीने पहले नर्मदा विकास प्राधिकरण में पदस्थ अफसर चैतन्य रघुवंशी को कॉल कर 25 लाख रुपए की मांग की। रघुवंशी को उसकी बातों पर शक हुआ और कहा रुपए नहीं दूंगा, पिटाई करूंगा। उन्होंने ट्रू कॉलर पर नंबर सर्च किया तो राजरतन तायड़े का नाम आया। उन्होंने कर्मचारी से बात की और कहा कि यह व्यक्ति मुझे कॉल कर रहा है। कर्मचारी ने नाम देख कहा यह मेरा भतीजा है। उसने राजरतन को फटकार लगाई तो नंबर बंद कर लिया।

कमिश्नर ने फोन नहीं उठाया तो मैसेज कर धमकाया
आरोपित ने कमिश्नर आकाश त्रिपाठी को भी कॉल किया। उन्हें भी मैसेज किए लेकिन कमिश्नर ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद आरोपित कुछ दिन तक चुप बैठ गया।आरोपित कुछ दिन तक चुप बैठ गया।

पूर्व विधायक ने फिरौती देने बुलाया, आरोपित बोला मैं जगह बता दूंगा
आखिरी में पूर्व विधायक पटेल को कॉल व मैसेज किए। पीए जगदीश जोशी ने पलटकर कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद आरोपित ने दोबारा कॉल किया और कहा तुझे उठवा लूंगा। पीए प्रतीश राज ने कॉल किया और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर रुपए देने के लिए बुलाया। उससे कहा कि बैठकर चर्चा कर लेते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ एडीजी वरुण कपूर व क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह को घटना बताई।
गुम सिम और चोरी के मोबाइल से लगाता था कॉल
पूछताछ में आरोपित ने कबूला कि सात महीने पूर्व भंवरकुआं क्षेत्र में एक सिम पड़ी मिली थी। यह सिम ऑटो मोबाइल शोरूम के सीयूजी ग्रुप की है। उसने कोठारी मार्केट से एक मोबाइल खरीदा और उसके गुम होने की रिपोर्ट लिखवा दी। पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली तो ऐसे नंबर मिले जिन्हें वह पहले कॉल कर चुका था। इनसे आरोपित का सुराग मिला। लोकेशन निकाली तो उसके घर की मिली और दबिश देकर पकड़ लिया।
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