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कर्नाटक विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव हुआ पेश, बीएसपी विधायक एन रमेश गैरमौजूद ! National News

Karnataka Crisis: कर्नाटक विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव हुआ पेश, बीएसपी विधायक एन रमेश गैरमौजूद
बेंगलुरु। कर्नाटक में जारी सियासी ड्रामे की आज अंत होने की संभावना है। विश्वासमत प्रस्ताव को विधानसभा में पेश किया जा चुका है। वहीं इस पर बहस जारी है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष में मौजूद भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि आखिर भाजपा को इतनी हड़बड़ी क्यों है। बता दें कि विश्वासमत प्रस्ताव के दौरान सदन में बीएसपी विधायक एन रमेश मौजूद नहीं हैं।
सीएम एचडी कुमारस्वामी को फ्लोर टेस्ट में उन्हें अपने विधायकों का बहुमत साबित करना होगा। अगर कुमारस्वामी ऐसा कर पाते हैं तो उनकी सरकार बनी रहेगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो इस सरकार के भविष्य पर संकट गहरा जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, कर्नाटक में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष बीएस येद्दियुरप्पा ने कहा कि ”हम 101 प्रतिशत आश्वस्त हैं कि कुमारस्वामी के पास 100 से कम विधायक हैं। हम 105 हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि कुमारस्वामी की विश्वासमत गिर जाएगा।’
कर्नाटक में पिछले कुछ वक्त से जमकर राजनीतिक उथल पुथल जारी है। कांग्रेस के बागी विधायकों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले दस दिनों से मुंबई के एक होटल में बागी विधायक रुके हैं, उन्हें मनाने की कुमार स्वामी सरकार की अब तक की सारी कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं।
माना जा रहा है कि कुमार स्वामी के फ्लोर टेस्ट के दौरान बागी विधायक मौजूद नहीं रहेंगे। आज सुबह 11 बजे से विश्वासमत को लेकर चर्चा शुरू होगी।
बता दें कि बुधवार को सीएम कुमारस्वामी ने जेडीएस के सभी 37 विधायकों को व्हिप जारी किया था, इसमें तीन बागी विधायक नारायण गौडा, गोपालाईया और एच विश्वनाथ को भी इस दौरान सदन में मौजूद रहने का कहा गया है।
कुमारस्वामी ने विधायकों को चेतावनी दी है कि जो विधायक पार्टी के खिलाफ वोट करेंगे उन पर एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत कार्रवाई करते हुए पद से अयोग्य किया जाएगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्पीकर को इस्तीफा भेजने वाले इन विधायकों को सदन में आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसे में कांग्रेस-जदएस विधायकों की संख्या सदन में 100 रह जाएगी जबकि इस समय दो निर्दलीयों समेत भाजपा के साथ 107 विधायक हैं। ऐसे में कर्नाटक में भाजपा सरकार बनना भी करीब-करीब तय है।
कांग्रेस रणनीतिकारों के मुताबिक, व्हिप का उल्लंघन करने के चलते स्पीकर कांग्रेस-जदएस के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला ले भी लेते हैं तो भी सदन की वर्तमान संख्या के हिसाब से कुमारस्वामी सरकार बहुमत साबित करना बेहद मुश्किल है।
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