
शिक्षक नहीं आते स्कूल पढ़ाने छात्र स्कूल आकर लौट जाते घर
शिवम पांडेय खनियाधाना। खनियाधाना में नवीन शिक्षा सत्र का आगाज होने के बाद भी खनियाधाना के आस पास के सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में लापरवाह में कोई सुधार नहीं हुआ है।
खनियाधाना के ग्राम बादली मैं शासकीय प्राथमिक विद्यालय बादली में अजब गजब कारनामा सामने आया है। जहां स्कूल 8 दिन से बंद पड़ा है। छात्र स्कूल में पढ़ने के लिए आते हैं। लेकिन स्कूल बंद होने के कारण घर लौट जाते है।
यह हर दिन होता है। स्कूल में नियमित ना खुलने के कारण कारण गांव के बच्चों की पढ़ाई लिखाई सही नहीं हो रही है। ग्रामीण कई बार शिक्षकों से स्कूल को नियत समय तक स्कूल संचालित करने की कह चुके हैं लेकिन शिक्षक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।
खुलने का समय सुबह साढ़े दस बजे है और बंद होने का समय साढ़े चार, लेकिन स्कूल सुबह देरी से खुलता है और दोपहर को जल्द बंद हो जाता है। ऐसा ही नजारा बुधवार को भी देखने को मिला। ग्रामीणों से पूछने पर बताया कि स्कूल के खुलने और बंद करने का निश्चित समय नहीं है। कब खुलता है और कब बंद हो जाता है यह किसी को नहीं पता और अभी देखा जाए तो 8 दिन जी स्कूल ही बंद पड़ा है।
यहाँ देखा जा सकता हैं कि किस कदर मास्साब गांव के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के रहे हैं। शायद मास्साब को स्कूल आने में दिलचस्पी नही हैं। इस बात के लिए जब हमारे संबाददाता द्वारा बीआरसी खनियाधाना को फ़ोन किया तो उनका फोन नही उठा। किसी का फ़ोन भी न उठाना इस बात का ओर प्रमाण देता हैं कि इन्हें बच्चों के साथ हो रहे अत्याचार कि कोई फिक्र नही हैं। देखते है कि अब प्रशासन इस बात पर ध्यान देता हैं या नही।
या यूंही इन बच्चों के भविष्य के साथ अत्याचार होता रहेगा। या कोई जनप्रतिनिधि आएगा सामने






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