पोहरी। शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था अब कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आती दिखाई दे रही है। समय पर स्कूल पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की जल्दबाजी के बीच सड़क हादसों की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
इसी क्रम में कुछ दिन पहले पोहरी-शिवपुरी मार्ग पर शासकीय हाई स्कूल पिपरघार में पदस्थ शिक्षिका शिखा चतुर्वेदी सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं। जानकारी के अनुसार 13 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल जाते समय उनकी कार की टक्कर हो गई। हादसे में शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दुर्घटना में उनके दोनों हाथ और एक पैर में फ्रैक्चर हुआ है। गंभीर चोटों के चलते उन्हें उपचार के लिए ग्वालियर ले जाया गया, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। घटना के बाद उनके परिवार और परिचितों में चिंता का माहौल है।
ई-अटेंडेंस के समय को लेकर उठे सवाल
शिक्षकों का कहना है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को निर्धारित समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए कई बार घर से काफी पहले निकलना पड़ता है। रास्ते में यातायात, खराब सड़क और दूरी जैसी परिस्थितियों के कारण समय का दबाव बनता है। ऐसे में जल्दबाजी सड़क हादसे का कारण बन सकती है।
शिक्षकों की सुरक्षा भी हो प्राथमिकता
शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पारदर्शिता और अनुशासन के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसे लागू करते समय कर्मचारियों की वास्तविक परिस्थितियों और सड़क सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। खासकर दूरस्थ स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें कुछ मिनट की देरी के डर से उन्हें सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालने की नौबत न आए।
शिक्षिका शिखा चतुर्वेदी के साथ हुई दुर्घटना ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। शिक्षकों ने मांग की है कि विभाग व्यवस्था की समीक्षा करे और ऐसी नीति बनाए, जिसमें समय की पाबंदी के साथ शिक्षकों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।







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