शिवपुरी। ग्राम अलगी की मछुआ समिति के सदस्यों पर निर्धारित पट्टे की सीमा से बाहर जाकर दतिया जिले के ग्राम गरेगा की कृषि एवं शासकीय भूमि को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर ग्राम गरेगा के ग्रामीणों ने शिवपुरी कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
जनसुनवाई में दिए आवेदन में ग्राम गरेगा के ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत अलगी द्वारा मछुआ समिति के सदस्यों को मछली पकड़ने के लिए पट्टा दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि समिति के सदस्य निर्धारित पट्टे की भूमि के अलावा ग्राम गरेगा की भूमि में भी मछली पालन से जुड़े अन्य कार्य कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार उनकी करीब 25 हेक्टेयर निजी कृषि भूमि और ग्राम की करीब 39.500 हेक्टेयर शासकीय भूमि प्रभावित हो रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अलगी के मछुआरों द्वारा अपने पट्टे की सीमा से बाहर करीब 26.500 हेक्टेयर भूमि को प्रभावित किया जा रहा है। इसके अलावा गरेगा गांव की करीब 65 हेक्टेयर भूमि, जिसमें किसानों की कृषि भूमि भी शामिल है, प्रभावित होने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भूमि को लेकर दोनों गांवों के लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन रही है। उनका आरोप है कि पट्टे की सीमा के बाहर जाकर कमल और सिंघाड़े की खेती सहित अन्य गतिविधियां किए जाने से ग्राम गरेगा के किसानों की कृषि भूमि और शासकीय भूमि प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें मछली पालन से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मछुआ समिति के सदस्यों को जिस सीमा तक पट्टा दिया गया है, उन्हें उसी सीमा में रहकर कार्य करना चाहिए। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया तो दोनों गांवों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ग्राम गरेगा के ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराकर मछुआ समिति को उसके निर्धारित कार्यक्षेत्र और पट्टे की सीमा में ही कार्य करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही ग्राम गरेगा की निजी एवं शासकीय भूमि को प्रभावित होने से बचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।







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