शिवपुरी। जिले के रन्नौद नगर परिषद में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में हुई एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जनसुनवाई में पहुंचे सेसई निवासी गिटला आदिवासी पुत्र जगनी आदिवासी ने शिकायत की थी कि उनके पिता जगनी आदिवासी के स्थान पर उनका ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद रन्नौद ने कलेक्टर कार्यालय को भेजे प्रतिवेदन में बताया है कि रजिस्ट्रेशन नंबर D-2023 23-021066-000027 पर 12 अप्रैल 2023 को तत्कालीन सीएमओ रामभरोसा शर्मा एवं जन्म-मृत्यु शाखा प्रभारी राधेश्याम धाकड़ द्वारा त्रुटिवश गिटला आदिवासी के नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था।
जांच के बाद इसी रजिस्ट्रेशन नंबर में संशोधन कर 21 मार्च 2024 को मृतक के रूप में जगनी आदिवासी का नाम दर्ज कर दिया गया। नगर परिषद के अनुसार वर्तमान में ऑनलाइन पोर्टल पर भी इसी पंजीयन क्रमांक पर जगनी आदिवासी का नाम दर्ज है और गिटला आदिवासी का नाम मृत्यु पंजीयन में कहीं दर्ज नहीं है।
जनसुनवाई आवेदन के निराकरण के लिए नगर परिषद द्वारा आवेदक से संपर्क किया गया। गिटला आदिवासी ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े घटनाक्रम के बाद उनका आधार कार्ड सस्पेंड हो गया है। इसके बाद नगर परिषद ने मामले में संबंधित तत्कालीन अधिकारियों को सूचना पत्र जारी किए हैं।
तत्कालीन सीएमओ रामभरोसा शर्मा अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि तत्कालीन जन्म-मृत्यु शाखा प्रभारी राधेश्याम धाकड़ वर्तमान में नगर परिषद पिपरई, जिला अशोकनगर में पदस्थ हैं। नगर परिषद ने दोनों को 6 अगस्त 2026 को सूचना पत्र जारी किए हैं। वहीं आवेदक गिटला आदिवासी को भी आधार कार्ड अपडेट कराने के संबंध में सूचना पत्र दिया गया है।
नगर परिषद रन्नौद ने पूरे मामले की जांच और कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन 7 अगस्त 2026 को कलेक्टर शिवपुरी को भेजा है। अब मामला प्रशासन के स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए पहुंच गया है।







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