शिवपुरी। जिले के बदरवास कस्बे में आर्थिक तंगी से परेशान एक मुनीम ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर हालत में उसे पहले बदरवास स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर कर दिया गया। जहर खाने से पहले मुनीम ने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें पांच लोगों को इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गुना जिले के बमोरी थाना क्षेत्र के ग्राम उकावदकलां निवासी पुरुषोत्तम धाकड़ वर्तमान में बदरवास में रहकर स्थानीय गल्ला व्यापारी अमन गोयल के यहां मुनीम का कार्य कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले अमन गोयल लाखों रुपये का कर्ज लेकर बदरवास छोड़कर चला गया। इसके बाद जिन लोगों की रकम व्यापारी के पास फंसी हुई थी, वे लगातार परेशान हैं।
पुरुषोत्तम धाकड़ का आरोप है कि उन्होंने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर बैंक से लोन लेकर अमन गोयल को कुल 15 लाख रुपये उधार दिए थे। सुसाइड नोट के अनुसार, 12 फरवरी 2026 को उन्होंने अपने बैंक खाते से 13.50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 1.50 लाख रुपये नकद दिए। आरोप है कि पूरी राशि 10 अप्रैल 2026 तक लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन न तो रकम वापस की गई और न ही ब्याज का भुगतान किया गया।
सुसाइड नोट में पुरुषोत्तम धाकड़ ने अमन गोयल, केदारी गोयल, सुन्नीबाई गोयल, कुसुम गोयल और आयुषी उर्फ मुस्कान गोयल को अपनी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि रुपये लेने के बाद सभी लोग बदरवास छोड़कर चले गए और अब उनके फोन भी नहीं उठाते।
सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि उनका मकान बैंक लोन पर है और खेत भी गिरवी रखा हुआ है। रुपये वापस नहीं मिलने से वह गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने शासन, प्रशासन और न्यायपालिका से मांग की है कि आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी राशि उनकी पत्नी के खाते में जमा कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
फिलहाल पुरुषोत्तम धाकड़ का जिला अस्पताल शिवपुरी में उपचार जारी है। पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






