शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी में पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद और राजनीतिक खींचतान के बीच भाजपा संगठन ने स्थिति को लेकर सक्रियता दिखाई है। रविवार को ग्वालियर बायपास स्थित एक होटल में भाजपा पार्षद दल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्षद शामिल हुए। बैठक में नगर पालिका की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार बैठक में कई पार्षदों ने नगर पालिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव ने की। चर्चा के दौरान शहर के विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन किया गया।
इसी बीच नगर पालिका परिषद शिवपुरी के सीएमओ इशांक धाकड़ के स्थानांतरण के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। कलेक्टर द्वारा नवागत सीएमओ की पदस्थापना तक शिवपुरी एसडीएम आनंद सिंह राजावत को नगर पालिका का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से शहर को प्राप्त लगभग 22 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड के उपयोग पर भी चर्चा हुई। संगठन पदाधिकारियों ने विकास कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया। बताया जा रहा है कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग को लेकर भी सुझाव सामने आए हैं।
सूत्रों का कहना है कि नगरपालिका से जुड़े विभिन्न मुद्दों और पार्षदों की राय को संकलित कर संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाने की तैयारी की गई है। इसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर संभावित निर्णयों को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
नगर पालिका के प्रभारी लेखापाल रविकांत झा के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला भी इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है। वहीं प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
नगर पालिका में चल रहे घटनाक्रमों के बीच अब सभी की निगाहें भाजपा संगठन और प्रशासन के आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।







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