शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत खोराघार के ग्रामीणों ने पंचायत में विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को सामूहिक आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने पंचायत के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत खोराघार में पिछले कई वर्षों से विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं और वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर योजनाओं में भ्रष्टाचार और शासकीय धन के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं, जिससे गांव में आक्रोश और निराशा का माहौल है।
ग्रामीणों ने दावा किया कि इससे पहले भी तीन बार जनसुनवाई में लगभग 103 पन्नों की साक्ष्ययुक्त शिकायत प्रस्तुत की जा चुकी है, जिसमें भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आवेदन में मांग की गई है कि पंचायत के सभी विकास कार्यों और वित्तीय रिकॉर्ड का सामाजिक ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित या स्थानांतरित किया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए संभाग आयुक्त, लोकायुक्त और मुख्यमंत्री कार्यालय तक मामला पहुंचाएंगे।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष, समयबद्ध और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इससे जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा।







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