शिवपुरी। जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम ऐरावन निवासी एक आदिवासी युवक ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने नरवर थाने पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय मुन्शी आदिवासी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि 7 मई 2026 की दोपहर करीब 2 बजे वह अपने घायल रिश्तेदार को ऑटो से इलाज के लिए नरवर अस्पताल ले जा रहा था। इसी दौरान लोडी माता मंदिर बस स्टैंड पर नरवर निवासी मोहरसिंह गुर्जर और उसके एक साथी ने ऑटो रुकवा लिया।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने सवारी बैठाने की बात को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर दोनों ने उसके साथ लात-घूसों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मुन्शी आदिवासी के अनुसार उसका रिश्तेदार पहले से घायल था और वह इलाज के लिए अस्पताल जा रहा था।
“पुलिस मेरी है…” कहकर धमकाने का आरोप
पीड़ित ने आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के बाद जब वह रिपोर्ट दर्ज कराने नरवर थाने पहुंचा तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उसका कहना है कि केवल सादा आवेदन लेकर उसे भगा दिया गया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि थाने में मौजूद एक कर्मचारी ने कहा, “तुझे मारा तो नहीं है, तू अभी जिंदा तो है।”
मुन्शी आदिवासी का आरोप है कि आरोपी लगातार धमकी दे रहा है कि “पुलिस मेरी है, ऊपर तक पहुंच है, ज्यादा करेगा तो बस से कुचलकर मार दूंगा।”
एसपी से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से आरोपी मोहरसिंह गुर्जर के खिलाफ सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। आवेदन में आशंका जताई गई है कि आरोपी भविष्य में किसी गंभीर घटना को अंजाम दे सकता है।







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