शिवपुरी। प्रशासन को गांव की चौखट तक पहुंचाने की पहल के तहत कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनजाति बाहुल्य ग्राम अहेरा और मुड़खेड़ा में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों के दल के साथ गांव पहुंचे कलेक्टर का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। चौपाल और जनसमस्या निवारण शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। शिविर में कुल 52 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 40 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा में समाधान का भरोसा दिलाया गया। ग्रामीणों ने पेयजल, बिजली, सड़क, राशन वितरण, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिन पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अधिकारियों को 20 मई तक ग्राम पंचायत एसवाया क्षेत्र के सभी गांवों और मजरे-टोलों का भ्रमण कर हर घर तक नल से जल पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही अहेरा और मुड़खेड़ा में आधार अपग्रेडेशन के लिए विशेष शिविर लगाने तथा बच्चों के जाति प्रमाण पत्र तैयार करने हेतु सूची बनाकर तहसीलदार को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 41 मरीजों की ओपीडी, 15 लोगों की जांच और 26 एक्सरे किए गए। राजस्व विभाग ने बालकिशन, ममता और गजब सिंह आदिवासी को नामांतरण पत्र वितरित किए, जबकि ठाकुरलाल, सुमरन और कल्लू आदिवासी को जाति प्रमाण पत्र दिए गए। सामलिया पुत्र अमरलाल को पट्टा अमल का वितरण किया गया। वहीं कमलफूल आदिवासी को संबल योजना के तहत दो लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि का स्वीकृति पत्र सौंपा गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में आधार कैम्प भी लगाया गया, जिसमें 14 लोगों के आधार कार्ड अपडेट किए गए तथा 4 नए आधार कार्ड बनाए गए। कलेक्टर ने मौके पर ही आधार कार्ड वितरित करते हुए अगले दिन मुड़खेड़ा में भी शिविर लगाने के निर्देश दिए।
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने एक बस्ती में खरंजा और सड़क नहीं होने की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर अर्पित वर्मा रात में ही संबंधित स्थल का निरीक्षण करने पहुंच गए और अधिकारियों को तत्काल खरंजा एवं सड़क निर्माण के निर्देश दिए। वहीं मुड़खेड़ा आंगनवाड़ी में भोजन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित समूह को हटाने के निर्देश भी दिए गए।
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। ग्रामीणों से सीधा संवाद कर योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी गई और यह भी पूछा गया कि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं।
विशेष बात यह रही कि रात्रि चौपाल के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिला पंचायत सीईओ विजय राज, एसडीएम अनुपम शर्मा और अन्य अधिकारियों के साथ ग्राम मुड़खेड़ा में ही रात्रि विश्राम किया। सभी अधिकारियों ने आंगनवाड़ी भवन में रात गुजारी और ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन भी किया। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रशासन गांव तक पहुंचे और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर मिले।













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