एक चैक बाउन्स के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए छह माह का सश्रम
कारावास के साथ धारा 357 (3) के अंतर्गत चैक राशि 60422 रूपए पर तीन साल
डेढ़ महीना की अवधि के लिए नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के अनुसार 17148 रूपए
व्याज के साथ प्रकरण में व्यय राशि 5 हजार शामिल कर 82.570 रूपए अदा करना
होंगे। प्रतिकर की राशि अदा न करने पर तीन माह का सश्रम कारावास प्रथक से
भुगतना होगा। उक्त प्रकरण की पैरवी बैंक की ओर से अभिभाषक जगदीश प्रसाद
शर्मा, गौरव शर्मा द्वारा की गई।
अभियोजन के अनुसार ओमप्रकाश
रजक पुत्र काशीराम रजक उम्र 48 निवासी लाल कोठी के पास संजय कॉलोनी शिवपुरी
ने मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा फिजीकल रोड़ शिवपुरी से व्यक्तिगत ऋण लिया
था। उक्त ऋण के संदाय में अभियुक्त ने अपने बचत खाते का चैक क्रमांक 057113
राशि 60422 भारतीय स्टेट बैंक शाखा माधव चौक शिवपुरी का दिया था। इस खाते
में राशि न होने के कारण 4 फरवरी 2016 को अनदारित हो गया। जिसकी सूचना
फरियादी बैंक ने अभियुक्त को दी। लेकिन इसके एवज में कोई जवाब प्रस्तुत
नहीं किया और न ही बैंक ऋण अदा किया। बैंक को विवश होकर धारा 138 पराक्रम
लिखित अधिनियम के अंतर्गत उक्त परिवाद प्रस्तुत किया जिस पर से न्यायाधीश
श्रीमती कामिनी प्रजापति ने उक्त सजा से दण्डित किया हैं।





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