शिवपुरी। न्यायायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिषेक सक्सेना द्वारा 138 एनआई एक्ट के तहत श्रीराम फायनेंस बनाम सरमन सिंह के चैक बाउंस के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी सरमन सिंह सरदार पुत्र रिचपाल निवासी निजामपुर मगरौनी नरवर को चैक अनादरित होने पर 1 वर्ष का कारावास व 3.2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी से लोन लिया था तथा जिसकी अदायगी चैक से ली, लेकिन चैक बाउंस हो गया जिसे पर से परिवादी कंपनी द्वारा न्यायालय की शरण ली। परिवादी की ओर से पैरवी अभिवक्ता वीरेन्द्र चौबे, पवन शर्मा व धर्मसिंह चौहान द्वारा की गई।

इनका कहना है
आरोपी द्वारा श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी फायनेंस कंपनी से वाहन एमपी 04 जीए 1603 पर लोन लिया था जिसका चैक बाउंस होने पर नोटिस दिया गया, लेकिन सरमन सिंह ने कोई राशि अदा नहीं की तब मजबूरन न्यायालय में जाना पड़ा जिस में एक साल की सजा एवं 3.2 लाख रुपए का जुर्माना माननीय न्यायालय द्वारा किया है।
विवेक खण्डेलवाल, शाखा प्रबंधक
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी शिवपुरी





