
शिवपुरी/समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना व मसूर खरीदने के लिए 21 सोसाइटियों को
जिम्मेदारी दी गई। जिनमें से 11 सोसाइटियों पर उपज बेचने वाले 418 किसानों
को भुगतान के लिए प्रदेश सरकार से 2 करोड़ 36 लाख रुपए अभी तक नहीं मिले
हैं। खरीदी करने वाली सोसाइटियों को कुल खरीदी में 1% कमीशन के तौर पर 3
करोड़ 16 लाख रुपए बन रहा है। जिसमें से पहली किश्त के रूप में 91 लाख रुपए
जारी हुए हैं। इस रकम से केंद्रीय जिला सहकारी बैंक शिवपुरी ने 191 किसानों
को भुगतान जारी कर दिया है। जबकि 226 किसानों को अभी भी भुगतान का इंतजार
है। शेष बचे किसानों की कुल रकम 1 करोड़ 57 लाख रुपए है। समर्थन मूल्य पर
उपज बेचने वाले किसान भुगतान नहीं होने से परेशान हैं। वहीं खरीदी के दौरान
चना, मसूर व सरसों की कमी हो जाने पर सोसाइटियों पर वसूली की कार्रवाई भी
चल रही है। अफसरों का कहना है कि सोसाइटी कमीशन में से ही किसानों को
भुगतान करेंगे। अगली किश्त कब जारी होगा, इसे लेकर कोई तारीख नहीं बताई जा
रही है। मामला शासन स्तर पर अटका हुआ है।
1.98 करोड़ का माल शॉर्ट हुआ : खरीदी के दौरान सोसाइटियों पर 1 करोड़ 98
लाख 15 हजार का कुल 453.56 मीट्रिक टन माल शॉर्ट पाया गया। जिसमें 394.74
चना, 46.82 टन मसूर व 12 टन सरसों शामिल है। यह शॉर्टेज 19 सोसाइटियों पर
सामने आई है।
केंद्रीय जिला सहकारी बैंक मजबूरी में सोसाइटियों के कमीशन से कर रहा भुगतान
मंडी में रखी चने की फसल।
21 में से 12 पैक्स सोसाइटियों को 60% राशि जारी हुई
समर्थन मूल्य पर उपज खरीदने वाली 21 में से 12 पैक्स सोसायटियों
को कुल खरीदी से 1% कमीशन के तौर पर 60% राशि के रूप में 91 लाख रुपए जारी
किए गए हैं। यानी 40% फीसदी रकम अभी मिलना बाकी है। इसके अलावा शेष 9
सहकारी सोसायटियों को भुगतान फिलहाल जारी नहीं हुआ है। सभी सोसायटियों का
कुल कमीशन 3 करोड़ 16 लाख रुपए बन रहा है।
पीरौंठ संस्था पर 90 किसानों को भुगतान नहीं हुआ
कोलारस तहसील में पैक्स संस्था पीरौंठ पर किसान संख्या 90, पैक्स
कुटवारा 66, खरैह 62, अटलपुर 38, छर्च 31, मुहासा 18, नदोरा 16, कुलवारा
12, पोहरी 8 और विपणन संस्था कोलारस 22, खनियाधाना 41, लुकवासा में 14
किसानों को भुगतान नहीं हो सका। इन्हीं संस्थाओं को जारी कमीशन की राशि से
191 किसानों को भुगतान जारी किया है।
325 मीट्रिक टन अमानक उपज खरीद ली
खरीदी के दौरान सामने आया कि संस्थाओं ने कुल 325 मीट्रिक टन उपज
अमानक खरीद ली है। जिससे उपज को अस्वीकृत कर कर दिया। जिसमें 296 टन चना,
18 मीट्रिक टन सरसों और 11 टन मसूर शामिल है। कुल राशि 1 करोड़ 42 लाख 37
हजार रुपए कीमत की उपज नीलामी करना पड़ी। जिससे 1 करोड़ 16 लाख 76 हजार मिले।
शेष अंतर की राशि 25.61 लाख रुपए का नुकसान सरकार को हुआ।






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