शिवपुरी। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में किए जाने वाले निर्माण कार्य मजदूरों से कराए जाने के स्पष्ट निर्देश हैं। ताकि गांव के मजदूरों को गांव ही रोजगार मिल सके। लेकिन पंचायत सचिव और मूल्यांकन कर्ता की मिली भगत से निर्माण कार्य की राशि का आहरण किया जा रहा है। इधर अफसरों को जानकारी होने की बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। अफसर अभी तक जांच दल बनाने में ही लगे हैं।
जनपद पंचायत के तहत आने वाली ग्राम पंचायतों में मनरेगा की राशि से कूप निर्माण, खेत तालाब निर्माण सहित अन्य हितग्राही मूलक कार्य कराए जा रहे है। निर्माण कार्य मजदूरों से न कराकर मशीनों से कराए जा रहे है। जबकि मनरेगा के नियमों के तहत गांव के मजदूरों को गांव में ही रोजगार दिया जाना आवश्यक है। ताकि मजदूरो को गांव में ही रोजगार मिल सके व वह काम की तलाश में गांव से पलायन न कर सके, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मनेरगा के तहत आई करोड़ों रुपए की राशि काे खुर्द-बुर्द किया जा रहा है।




