शिवपुरी

। शहर के पोहरी बायपास के पास एक वाहन ने जूपीटर में टक्कर मार दी। इससे युवक रोहित श्रीवास्तव की इलाज के दौरान ग्वालियर में मौत हो गई है। रोहित की जेब से पुलिस को राष्ट्रपति द्वारा दिया गया वीरता प्रमाण पत्र मिला है। पुलिस ने रोहित को अपने ही विभाग से समझा और इलाज के लिए हर संभव कोशिश की। बाद में परिजन के आ जाने के बाद पता चला कि रोहित पुलिस विभाग में नहीं है। जेब से मिला वीरता पुरस्कार प्रमाण पत्र फर्जी है। पुलिस ने उक्त प्रमाण पत्र को लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात 9.30 बजे पोहरी बायपास के पास अज्ञात वाहन ने जूपीटर सवार युवक को टक्कर मार दी। दुर्घटना देख पुलिस के कम्युनिटी हॉल में रहने वाले पुलिसकर्मी आ गए। घायल युवक को बाइक से सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जेब से निरीक्षक के रूप में राष्ट्रपति द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र मिला। यह देखकर पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। घटना स्थल पर टीआई बादाम सिंह यादव व एसडीओपी सुरेशचंद्र दोहरे भी पहुंच गए। बाद में पूछताछ करने पर पता चला कि युवक कहीं पोस्टेट नहीं है और जेब से निकला प्रमाण पत्र फर्जी है। युवक की पहचान रोहित (27) पुत्र ब्रह्मा श्रीवास्तव निवासी ग्राम बेरला बैराड़ हाल गांधी कॉलोनी शिवपुरी के रूप में हुई। गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर कर दिया, लेकिन बुधवार की तड़के करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर शिवपुरी आए, जहां पीएम कराया है। अंत्येष्टि के लिए परिजन शव गांव ले गए हैं। बताया जा रहा है कि दुर्घटना पुलिस वाहन से हुई है।
फर्जी प्रमाण पत्र में यह लिखा, अाईकार्ड के रूप में उपयोग करता था मृतक
फर्जी प्रमाण पत्र में सबसे ऊपर रोहित श्रीवास्तव, निरीक्षक मध्यप्रदेश लिखा है। नीचे दायं तरफ वर्दी वाला फोटो लगा है। इसके बाद राष्ट्रपति द्वारा संबोधित शब्द हैं जिसमें लिखा है कि “मैं भारत का राष्ट्रपति अपजे अब्दुल कलाम आपकी वीरता को मान्यता देते हुए आपको वीरता मैडल प्रदान करता हूं।’ इसके बाद नीचे राष्ट्रपति और ऊपर हिंदी में खराब राइटिंग में अब्दुल कलाम लिखा है। प्रमाण पत्र में बायीं तरफ नई दिल्ली व नीचे दिनांक 10.06.2007 लिखी है। बताया जाता है कि युवक उक्त प्रमाण पत्र को आईकार्ड के रूप में उपयोग करता था। जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद एक महिला ने बिना बताए कहा कि मैं रोहित की मुंहबोली मां हूं। इसका कोई सगा दुनिया में नहीं है। इसलिए गोद लिया है। साथ आया व्यक्ति स्वयं को महिला का पति और रोहित को गोद लेना बता रहा था। इसके बाद युवती आई और कुछ लड़के भी पहुंच गए, जो शराब के नशे में दिख रहे थे। युवती रोते हुए कह रही थी कि यह मेरा सगा है, लेकिन संबंध स्पष्ट नहीं किया। बाद में रात 10.45 बजे ब्रह्मा श्रीवास्तव पहुंचे। उन्होंने स्वयं को रोहित का पिता बताया। इसी के साथ रोहित की असलियत पता चली। पिता ने कहा कि बेटा कुछ नहीं करता, बेरोजगार है। अस्पताल में मौजूद लोगाें को पिता ने पहचानने से इनकार कर दिया।





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