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वाटर स्पोर्ट्स में भी ओलिंपियन तैयार करेगा ग्वालियर, यहां बनेगी देश की पहली आर्टिफिशियल कैनो सलालम अकादमी / Shivpuri News

ग्वालियर: हॉकी के बाद ग्वालियर अब वाटर स्पोर्ट्स में भी ओलिंपियन तैयार करेगा। क्योंकि… यहां देश की पहली आर्टिफिशियल काेर्स कैनो सलालम अकादमी जल्द ही तिघरा बांध पर खुलने जा रही है। मप्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने इसके लिए 17 हैक्टेयर जमीन चिह्नित कर जिला प्रशासन से मांगी है। इंटरनेशनल स्तर की इस अकादमी को बनाने के लिए मप्र पुलिस हाउसिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा लगभग 91.50 करोड़ रुपए की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है।


गौरतलब है कि खेल मंत्री यशोधराराजे सिंधिया ने अकादमी के लिए अधिकारियों से जमीन देखने को कहा था। उन्होंने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास जमीन देखकर जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया है। सूत्राें के अनुसार अकादमी की डिजाइन फाइनल कर ली गई है। बजट स्वीकृति के साथ इसमें कुछ परिवर्तन कर काम शुरू हो जाएगा।

ये होंगी सुविधाएं- खेल विभाग की अन्य अकादमी की तरह ही इसमें भी खिलाड़ियों के ठहरने और प्रशिक्षण की अत्याधुनिक व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा कोच और विजिटर रूम भी यहां पर उपलब्ध रहेंगे। जिससे किसी को परेशानी न हो। इस अकादमी का स्वरूप इंटरनेशनल इवेंट के आयोजन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
मप्र में कैनाे स्प्रिंट पहले से खेला जा रहा है

मप्र में कैनाे स्प्रिंट के इवेंट भोपाल के साथ भिंड में खेले जा रहे हैं। भोपाल में खेल विभाग की अकादमी के अलावा एसएसबी पुलिस, मप्र पुलिस और एसोसिएशन इस खेल को संचालित करती है। जबकि महेश्वर में कैनो सलालम कोर्स विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।

चयन इसलिए… तिघरा में पर्याप्त पानी की व्यवस्था

ग्वालियर के तिघरा बांध में वर्षभर पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहती है। बांध से सटी अकादमी की चिह्नित जमीन ढलान पर होने से कैनाल के पानी को रिजर्ववायर में लाने परेशानी नहीं होगी।

क्या है कैनो सलालम


केनो स्लालम काफी तेज बहाव वाले पानी में संतुलन बनाने का खेल है। इसमें रेस 250 मीटर लंबी होती है। इसमें 18 गेट बने होते हैं। प्रतिभागी को उन्हीं दरवाजों से गुजरना होता है। ऐसा दो बार करना होता है। इस खेल में ओलिंपिक में चार स्वर्ण दांव पर होते हैं।

12 मीटर चौड़ी कैनाल में 28 करोड़ रुपए से लगेंगे पंप

अकादमी की कैनाल 12 मीटर चौड़ी और लगभग 260 मीटर घुमावदार रहेगी, जिसमें रिजर्ववायर से 4 पंपों से पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद यह पानी वापस स्टोर टैंक में पहुंचेगा, जिससे पानी बर्बाद नहीं होगा।

“महेश्वर में कैनो सलालम कोर्स में बच्चे ट्रेनिंग लेकर खूब मेडल ला रहे हैं, पर नेचुरल काेर्स पर खेलने के कारण वे बड़े टूर्नामेंट में आर्टिफिशियल कोर्स पर नतीजे अच्छे नहीं दे पा रहे। अब ग्वालियर में आर्टिफिशियल कैनो सलालम अकादमी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे देश इसमें ओलिंपिक पदक ला सके।

-यशोधराराजे सिंधिया, खेल मंत्री मप्र

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