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निलंबित समिति प्रबंधक ने किसानों से वसूली कर फर्जी रसीदें दीं, रिकॉर्ड में अभी भी कर्जदार किसान / Shivpuri News

शिवपुरी: लुकवासा की प्राथमिक कृषि साख समिति में नया फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां के निलंबित प्रबंधक ने डुप्लीकेट रसीद कट्‌टे छपवाकर निलंबन अवधि में किसानों से अवैध वसूली की। वसूली गई रकम किसानों के खाते में जमा नहीं होने से किसान समिति के कर्जदार बन गए।


लुकवासा समिति के प्रबंधक रहे विजयराज सिंह रघुवंशी पर समर्थन मूल्य में धांधली का अाराेप है। इसलिए विजयराज सिंह काे साल 2019 में निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के दाैरान भी विजयराज सिंह ने किसानों से वसूली जारी रखी। उन्हाेंने किसानों से वसूली गई राशि सहकारी बैंक की लुकवासा शाखा में जमा नहीं कराई।

रकम देने के बाद भी किसान कर्जदार ही बने रहे। निलंबित प्रबंधक ने साल 2020, 2021 और साल 2022 में किसानों से न सिर्फ राशि वसूली बल्कि उन्हें डुप्लीकेट कट्‌टे की विधिवत रसीदें भी काटकर दीं। रसीदों पर निलंबित प्रबंधक के हस्ताक्षर व तारीख अंकित हैं। किसान मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

साल 2019 से निलंबित है विजयराज… निलंबन अवधि में भी किसानों से वसूली की

पैसे लेकर रसीद दी लेकिन खाते में रकम जमा नहीं 1. किसान दिगपाल सिंह निवासी ग्राम अटरूनी के पास 5 अप्रैल 2021 को 45040 रु. की रसीद कटी है। किसान ने बताया कि विजयराज सिंह ने रसीद काटकर दी है। 2. किसान रामवीर सिंह निवासी ग्राम अटरूनी ने 30 अप्रैल 2021 को 17500 रु. की रसीद काटी है। किसान ने बताया कि विजयराज ने पैसे लिए और रसीद काटकर दी। 3. किसान शिवराज सिंह ने विजयराज सिंह को 31 अगस्त 2020 को 25 हजार रु. दिए, जिसके बदले उसने रसीद काटकर दी है। किसान द्वारा रसीद उपलब्ध कराई है।

साल 2016 से 2019 तक रसीदें कटीं
कई किसान ऐसे भी निकले जिन्होंने साल 2016 से लेकर 2019 तक पैसा जमा कराकर रसीदें कटवाईं हैं। लेकिन किसानों के खाते में उक्त रकम जमा नहीं होने से कर्ज बराबर बना हुआ है। जैसे किसान रामवीर सिंह की पत्नी सपना की 13 जून 2018 को 10 हजार रु. की रसीद कटी है। किसान मोहन सिंह की 17 हजार रु. की रसीद 15 जून 2018 की कटी है। किसान रघुवीर सिंह निवासी लुकवासा की 15 हजार 510 रु. की रसीद 30 अस्त 2019 को कटी है। दूसरी रसीद 10 हजार रु. की भी 10 अगस्त को कटी है। किसान दिगपाल सिंह की 38 हजार 200 रु. की रसीद 25 फरवरी 2017 को कटी है और दूसरी रसीद 29 हजार रु. की 9 मार्च 2016 को कटी है। जबकि खातों में रक्त रकम जमा नहीं हुई।

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