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गाँव में नहीं हैं शमशान, खेतों में करते हैं अंतिम संस्कार, SDM को सौंपा ज्ञापन / Shivpuri News

शिवपुरी: करैरा तहसील की सेमरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले जरगुबा चक्र में श्मशान घाट नहीं है। जिसके चलते गांव वाले खेतों में अंतिम संस्कार करने पर मजबूर है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 30 साल से जरुगुवा टपरों में कच्चे मकान बनाकर रह रहे हैं। सालों बीत जाने के बाद भी किसी जिम्मेदार ने अब तक इस क्षेत्र की सुध नहीं ली हैं। गांव वाले कहते है कि बस्ती में न तो पेयजल की सुविधा है न ही पक्की सड़क बनी है जबकि केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं लेकिन उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जनपद सदस्य के साथ करैरा SDM से की है।

खेतों में करते है अंतिम संस्कार

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए भी जगह तय नहीं की है और न ही टीन शेड का निर्माण कराया गया है। गांव में किसी की मौत हो जाती है तो उन्हें खेतों में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। मौत होने के बाद गांव में परिवार शोक में डूबे रहते हैं लेकिन ग्रामीणों को उसके अंतिम संस्कार की फ्रिक रहती है। बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना उनके लिए कई संकट खड़े कर देता है। समस्याओं के निराकरण के लिए दर्जनों बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी हालत जस के तस बने हुए है।

सेमरा गांव की सचिव साधना यादव का कहना है कि हम तो बनवाने के लिए तैयार हैं हमने तो फाइल भी जमा कर दी है। पटवारी जगह सिलेक्ट करके नहीं दे रहे है। जैसे ही जगह चिह्नित कर ली जाएगी, उसी जगह मुक्तिधाम धाम का शेड बनवा दिया जाएगा।

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