शिवपुरी: मछली पालन के लिए व्यक्ति ने तालाब की पहली किश्त के 3.50 लाख रु. हजम कर लिए। मौके पर जाकर दिखवाया तो पता चला कि मात्र 80 लाख रु. का कार्य कराया है। अगली किश्त रोकी तो व्यक्ति साथियों संग तत्कालीन सहायक संचालक को धमकाने दफ्तर आ गया। मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो प्राइवेट इस्तगासा दायर करना पड़ा। मामले में दो साल से गिरफ्तारी वारंट जारी हो रहे थे। आखिरकार व्यक्ति को सिरसौद थाना पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेजा दिया है।
जानकारी के मुताबिक सिरसौद थाना पुलिस ने कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट मामले में माखन धाकड़ (38) पुत्र मांगीलाल निवासी रातीकिरार को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। हालांकि रातीकिरार में माखन धाकड़ का किसी अन्य व्यक्ति से झगड़ा हो गया था। क्रास कायमी के बाद पुलिस ने माखन को पकड़ा और गिरफ्तारी वारंट होने की वजह से हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट से लगातार दो साल से गिरफ्तारी वारंट जारी हो रहे थे। दरअसल माखन धाकड़ के लिए मत्स्य विभाग से मछली पालन के लिए साल 2011 में 10.50 लाख रु. कीमत का तालाब मंजूर हुआ था। पहली किश्त जारी होने के बाद जांच कराई तो मात्र 80 हजार रु. ही खर्च हुए, शेष राशि खर्च कर दी।
तत्कालीन सहायक संचालक महेंद्र कुमार दुबे ने अगली किश्त रोक दी थी। इसी के चलते माखन साथियों के संग दफ्तर आया और महेंद्र कुमार को धमकी दे डाली।
पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो कोर्ट गए
बताया जा रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने सीधे प्रकरण दर्ज नहीं किया। मत्स्य विभाग शिवपुरी के तत्कालीन सहायक संचालक महेंद्र कुमार ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में प्राइवेट इस्तगासा दायर कराया। दो साल से गिरफ्तारी के लिए कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे थे। अब जाकर माखन धाकड़ को पकड़ा गया है। महेंद्र कुमार दुबे बताते हैं कि वह साल 2016 में रिटायर हो चुके हैं।






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