तीन आरोपित गिरफ्तार, एक 315 बोर का कट्टा व 2 राउंड जब्त
शिवपुरी। पिछोर में हुए अंधे कत्ल का खुलासा आज पुलिस ने कर दिया। यहां बेटे ने ही बाहर से गैंगस्टर बुलाकर अपने पिता की हत्या करवाई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का कट्टा व 2 राउंड जब्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार बीते रोज पिछोर के नगरिया मोहल्ले में रहने वाले महेश कुमार जो कि तीसरी मंजिल पर सो रहे थे उनकी किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले को लेकर मृतक के पुत्र अंकित गुप्ता उर्फ संतोष ने पुलिस को सूचना दी यहां पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विवेचना शुरू की।
वहीं एसपी राजेशसिंह चंदेल, एएसपी प्रवीण कुमार भूरिया, एसडीओपी पिछोर दीपकसिंह तोमर द्धारा तत्काल घटना स्थल पर मृतक के घर पहुंचे व एफएसएल ग्वालियर व शिवपुरी की टीम ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया व साक्ष्य जुआए। यहां एसपी ने थाना प्रभारी पिछोर गब्बरसिंह गुर्जर व थाना प्रभारी भौंती संजय मिश्रा को अंधे कत्ल की गुत्थी जल्द सुलझाने के निर्देश दिए। विवेचना के दौरान पता चला कि मृतक मूलत: ग्राम बडैरा का रहने वाला था जिसकी पत्नी की मौत करीब 20 साल पहले हो चुकी थी। इसका एक पुत्र अनिल उर्फ सोनू गुप्ता आर्मी में था जिसने 2 साल पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुत्र की मौत के बाद पिता को 1 करोउ़ रूपए आर्मी की तरफ से मिले थे व उसे 20 हजार रूपए पारिवारिक पेंशन भी मिलती थी। मृतक महेश गुप्ता का छोटा बेटा बचपन से ही आपराधिक प्रवृति का था और शराब बेचने, पीने, जुआ सट्टा खेलने व चोरी करने का आदि है। पुत्र की इस हरकत से पिता नाराज रहते थे। अंकित ने गूगल व फेसबुक पर भारतवर्ष के गैंगस्टर बदमाश लोगों के ग्रुप को सर्च किया जिसमें से अजीत किंग ग्रुप से दोस्ती एक्सेप्ट करके उसके एडमिन जो बिहार का रहने वाला है से संपर्क किया। दोनों ने गैंगस्टर को बुलाकर एक मेडीकल स्टोर से दुकानदार के बच्चे को किडनैप करने की योजना बनाई और दोनों ने इस योजना को अंजाम देने के लिए अजीत ग्रुप के एडमिन निवासी बिहार से संपर्क किया। उन्होंने इसे बुलाने के लिए खाते में 10 हजार रूपए डाले और 12 जुलाई को पिछोर बुलवाया जो ट्रेन से झांसी आया एवं ये दोनों दोस्त उसे बाइक से पिछोर लेकर आए व लभेड़ा तिराहा गुमटी पर रखा। गैंगस्टर ने इनसे ििकडनैप व हत्या कराने के लिए और रूपए मांगे इनके पास रूपए नहीं होने के कारण किडनैप की योजना कैंसिल कर दी गई। जिस पर गैंगस्टर ने दूसरा काम बताने को कहा तो इस पर मृतक के छोटे बेटे ने अपने पिता की हत्या की साजिश रची। मृतक के छोटे बेटे और उसके दोस्त ने एक 315 बोर का कट्टा लाकर गैंगस्टर को दिया और मृतक के घर की लोकेशन दिखाई। 21 जुलाई की रात मृतक का पुत्र पत्नी व बच्ची को दूसरे कमरे में सुला दिया व स्वयं दूसरे कमरे में सो गया। मृतक तीसरी मंजिल पर सो रहा था तो उसके छोटे बेटे ने करीब 2 बजे गैंग्स्टर को अपने घर बुला लिया व तीसरे मंजिल के कमरे में ले गया। गैंगस्टर ने मृतक के सिर में गोली मार दी। मृतक के छोटे बेटे ने गैंगस्टर को रात में ही घर से निकालकर घर का ताला लगा दिया। गोली की आवाज सुनकर आरोपित की पत्नी उठकर आई तो वह अपने कमरे में खड़ा हो गया और पत्नी से बोला कि आसमान में बिजली चमकी है उसी की आवाज है। सुबह मृतक के पुत्र ने अज्ञात व्यक्ति द्धारा गोली मारने की बातें लोगों व पुलिस को बताई। पुलिस ने सायबल सेल से मिली लोकेशन के आधार पर गैंगस्टर को गोरखपुर से पकड़ लिया।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी दीपक तोमर, कब्बरसिंह गुर्जर, निरीक्षक संजय मिश्रा, उनि चेतन शर्मा, नितिन भार्गव, बीएल दोहरे, जूली तोमर, सउनि अमरलाल बंजारा, चरनसिंह, जहानसिंह, प्रआर हीरासिंह, राजेंद्रसिंह, दीपक चौहान, राघवेंद्र चौहान, हिमांशु, घनश्यामसिंह, आर. रामनाथ रावत, राघवेंद्र पाल, जितेंद्र गुर्जर, बृजेश राणा, कमलसिंह, मांगीलाल गुर्जर, रूपेंद्र यादव, रवि कौरव, गौरव जाट, माधव शंकर, प्रदीप, उत्तम राज, काजल मेवाफरोस, अभिषेक सिकरवार, प्रशांत नरवरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






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