शिवपुरी। शहर में बड़ी मुश्किल से तो सड़क का निर्माण कार्य हुआ है। इससे पहले सड़क न बनने से लोग धूल, मिट्टी, व शराब हुई सड़कों से गुजर रहे थे। क्योंकि शहर की सभी सड़के या तो सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खोद दी गई या फिर मड़ीखेड़ा की पाइन लाइन डालने के लिए। शहर में जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखे बंद किए हुए बैठे हैं जो बिना प्लानिंग के चाहे जहां काम करवाना शुरू कर देते हैं। इस बिना प्लानिंग के काम के करोड़ों का नुकसान होता है जिसका असर सीधे—सीधे जनता पर ही पड़ता है।
ऐसा ही एक मामला लक्ष्मीबाई क्षेत्र से देखने में आया। यहां फतेहपुर से महल तक पानी की पाइन लाइन बिछाने जेसीबी पहुंच गई। जेसीबी ने जैसे ही खोदना शुरू किया वैसे ही मोहल्लेवासियों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और खुदाई का काम रूकवा दिया। रहवासियों का कहना था कि 20 साल बाद बड़ी मुश्किल से यह सड़क बनी है। अब महल तक पानी की लाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदा जा रहा है। इस बेमतलब की खुदाई से जहां लाखों—करोड़ों का नुकसान हो जाएगा और फिर खुदाई के बाद रास्ता खराब हो जाएगा जिससे वाहन चालक, व मोहल्लेवासी गिरकर चोटिल होंगे। प्रशासन के अधिकारी जो अंधे बने हुए बैठे हैं चाहे जब चले आते हैं और जहां मर्जी होती है वहां से बिना प्लानिंग के काम करना शुरू कर देते है। अगर जनता विरोध करती है तो शासकीय कार्य में बाधा का डर दिखाते हैं और मौके पर पुलिस बुलाकर जबरदस्ती काम करते हैं। इतना ही नहीं यह अधिकारी लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा तक का केस दर्ज करवा देते हैं। यानि की गलत बात के लिए अगर मुंह खोला जाए तो वो सजा है। बनी—बनाई सड़क को क्यों खराब किया जा रहा है फिर क्या गारंटी है कि खुदने के बाद यह सड़क बन जाएगी। अगर पानी की पाइप लाइन ही बिछानी है तो खुदाई कर क्यों ओपन ही पाइप लाइन डाली जा सकती है। वहीं विरोध होता देख पार्षद नीलम बघेल भी मौके पर पहुंच गई ओर यहां से जेसीबी मशीन को लौटा दिया।






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