पिछोर/ तहसील में नेशनल हाइवे से लगी हुई शासकीय जमीन माफिया के लिए धन कमाने का जरिया बन गई है। राजस्व विभाग की इस भूमि से हर दिन अवैध उत्खनन किया जा रहा है। उत्खनन भी छोटे स्तर पर नहीं किया जा रहा है, बल्कि बकायदा एलएनटी मशीन लगाकर हर दिन डंपरों से भरकर भू संपदा ले जाई जा रही है। खुलेआम चल रहे इस खेल पर प्रशासन भी मौन है। यहां भी अधिकारियों का रवैया यह है कि पता कराएंगे कि जमीन राजस्व विभाग की है या किसी अन्य विभाग की। जबकि नियमानुसार जमीन किसी की भी है उस पर बिना अनुमति खनन नहीं किया जा सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेडी चौराहा से आगे ग्राम हीरापुर नेशनल हाईवे के पास पहाड़ पर बने मंदिर के नीचे से मुरम निकाली जा रही है। जब मौके पर जाकर देखा तो वाहन क्रमांक एमपी33एच2051 और एमपी33एच1598 एलएनटी से मुरम निकालकर भरे जा रहे थे। यहां पर निगरानी के लिए भी एक-दो लोग बैठे हुए थे और आराम से उत्खनन चल रहा था। स्थिति यह थी कि माफिया ने मंदिर के पहाड़ की दीवारों को तक नहीं छोड़ा है। यहां से इतना खनन कर दिया गया है कि पहाड़ कमजोर हो रहा है जिसके कारण स्खलन का खतरा भी बना हुआ है। जबकि इस क्षेत्र में उत्खनन के लिए कोई लीज नहीं दी गई है। साथ ही कोई रायल्टी भी इसकी नहीं काटी जा रही है। हर दिन यहां से करीब आधा दर्जन डंपर और ट्रैक्टर भरे जाते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो इसमें राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत भी है।
बारिश का मौसम बढ़ा रहा खतरा
अभी मानसून का समय चल रहा है। इस समय रेत की खदानें तक बंद कर दी जाती है। जबकि यहां पर खनन हो रहा है। इससे खतरा और अधिक बढ़ रहा है। यह मिट्टी का क्षेत्र है। लगातार खनन होने से पहाड़ कमजोर पड़ने लगा है। यदि तेज या अतिवर्षा की स्थिति बने तो यहां पर स्खलन का स्थिति तक बन सकती है और जन हानि भी हो सकती है।
बिना रायल्टी के दौड़ रहे डंपर-ट्रैक्टर
इन दिनों बिना रायल्टी के अवैध रूप से रेत व मुरम का परिवहन करने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ गई है। पिछोर-खनियांधाना क्षेत्र में एक राजनेता के इशारे पर यह होता है। दूसरी ओर अंचल में करैरा, बदरवास आदि में भी पिछले कुछ समय में खनन बढ़ा है। शिवपुरी शहर में भी बिना नंबर और बिना रायल्टी के दौड़ते डंपर देखे जा सकते हैं। जबकि प्रभारी मंत्री ने अपने हर दौरे पर अवैध खनन को लेकर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।






Be First to Comment