शिवपुरी। करैरा तहसील में पदस्थ पटवारी बलराम धाकड़ का स्थानांतरण पिछोर तहसील के लिए किए जाने के बावजूद वे अभी तक करैरा में ही पदस्थ हैं। स्थानांतरण आदेश जारी हुए पर्याप्त समय बीत जाने के बाद भी उन्हें नवीन पदस्थापना के लिए रिलीव नहीं किया गया है।
स्थानांतरण के बाद कर्मचारी को नवीन पदस्थापना पर भेजे जाने की प्रक्रिया सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन बलराम धाकड़ के मामले में आदेश जारी होने के बावजूद रिलीविंग की कार्रवाई लंबित है। इससे अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि स्थानांतरण आदेश के इतने समय बाद भी पटवारी को करैरा से रिलीव नहीं किया गया?
नवीन पदस्थापना पिछोर होने के बावजूद करैरा में ही बने रहने से स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि कोई प्रशासनिक या विभागीय कारण है, तो उसकी स्पष्टता भी सामने आना जरूरी है।
अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग पटवारी बलराम धाकड़ को कब करैरा से रिलीव कर पिछोर भेजता है, या फिर स्थानांतरण आदेश के बावजूद उनकी करैरा में पदस्थापना आगे भी जारी रहती है।




