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सरकारी अस्‍पताल के बाद अब मेडीकल कॉलेज के डॉक्‍टरों का कमाल, पैरोटिड ग्लेंड का किया सफल ऑपरेशन / Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी के सरकारी अस्‍पताल के बाद अब मेडीकल कॉलेज के डॉक्‍टरों ने भी कमाल कर दिया। यहां के डॉक्‍टरों ने कर्णमूल ग्रंथि (पैरोटिड ग्‍लांट) का सफल ऑपरेशन किया है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्‍वस्‍थ है और उसकी छुट्टी कर दी गई है।

कोलारस के ग्राम अमरपुर की रहने वाली कसूमल पत्‍नी सीताराम जाटव को पिछले चार-पांच सालों से जबड़े व गले के पास सूजन से परेशान थी। जब सूजन ज्‍यादा बढ़ गई तो कसूमल को ग्‍वालियर के डॉक्‍टरों को दिखाया तो पता चला कि उसे पैरोटिड ग्लेंड ट्यूमर हो गया है। डॉक्‍टरों ने उसका ऑपरेशन कराने की बात कही लेकिन ग्‍वालियर में ऑपरेशन के लिए नंबर नहीं आ पा रहा था जिस कारण वह परेशान हो रहे थे। लेकिन जब उन्‍हें किसी ने बताया कि इसका ऑपरेशन शिवपुरी के मेडीकल कॉलेज में हो सकता है वहां इसके विशेषज्ञ हैं। जिस पर सीताराम अपनी पत्‍नी को लेकर आया। विशेषज्ञों की टीम डॉ. धीरेंद्र त्रिपाठी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट, डॉ, मेघा प्रभाकर असिस्‍टेंट प्रोफेसर व डॉ. ज्‍योति‍ शर्मा ने महिला कसुमल का चैकअप कर कुछ टेस्‍ट किए। इसके बाद 10 फरवरी को महिला का ऑपरेशन किया।

डॉ. मेघा प्रभाकर ने बताया कि ऑपरेशन काफी जटिल था अगर जरा सी भी चूक हो जाती तो महिला का चेहरा हमेशा तिरछा हो जाता लेकिन ऑपरेशन को सफलता पूर्वक कर लिया गया। यह ऑपरेशन लगभग डेढ़ से दो घंटे चला। ऑपरेशन के तीन दिन बाद महिला बिल्कुल स्‍वस्‍थ हो गई और अब उसकी छुट्टी कर दी गई है। इस सफल ऑपरेशन पर डॉक्‍टरों की टीम को लोगों ने बधाईयां दी है।

क्‍या है पैरोटिड ग्लेंड

गलगण्ड रोग (अंग्रेज़ी: ”, पैरोटाइटिस’ मम्प्स ‘ के रूप में भी जाना जाता है) एक विकट विषाणुजनित रोग है जो पैरोटिड ग्रंथि को कष्टदायक रूप से बड़ा कर देती है। ये ग्रंथियां आगे तथा कान के नीचे स्थित होती हैं तथा लार एवं थूक का उत्पादन करती हैं। अगर इस बीमारी का सही समय से इलाज नहीं हो तो कैंसर भी हो सकता है व चेहरा हमेशा के लिए तिरछा हो जाता है।

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