नरवर। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नरवर दुर्ग की कचहरी महल से हाल ही में हुई ऐतिहासिक तोप की चोरी के विरोध में शुक्रवार को नरवर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश शासन के नाम तहसीलदार नरवर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन से जुड़े निजी विद्यालयों के संचालकों एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए चोरी हुई ऐतिहासिक तोप की शीघ्र बरामदगी, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा नरवर दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि नरवर दुर्ग केवल नरवर की पहचान नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। हजारों वर्षों के इतिहास को अपने भीतर समेटे यह दुर्ग वीरता, शौर्य, संस्कृति एवं स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक एवं इतिहास प्रेमी इस दुर्ग का अवलोकन करने पहुंचते हैं। ऐसे ऐतिहासिक स्थल से तोप जैसी अमूल्य धरोहर का चोरी हो जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक घटना है।
संगठन ने कहा कि यह घटना केवल एक ऐतिहासिक वस्तु की चोरी नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक अस्मिता, राष्ट्रीय धरोहर और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा आघात है। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहरों पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए शासन एवं प्रशासन को इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में मांग की कि चोरी हुई ऐतिहासिक तोप की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए तथा इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐतिहासिक धरोहरों के साथ छेड़छाड़ करने का साहस न कर सके।
इसके साथ ही संगठन ने नरवर दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए पूरे दुर्ग परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने, पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की नियमित तैनाती, चौबीसों घंटे निगरानी व्यवस्था, रात्रिकालीन गश्त तथा प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि नरवर दुर्ग सहित क्षेत्र की सभी पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का सर्वेक्षण कर उनके संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें किसी एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होती हैं। उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक एवं शासन-प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि इन धरोहरों की सुरक्षा में लापरवाही बरती गई तो आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने शासन से अपेक्षा व्यक्त की कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए नरवर दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन जैन, सचिव शुभम जैन, संरक्षक धीरज गुप्ता, प्रशांत त्रिपाठी, नीरज भार्गव, पंकज कुशवाहा, ताहिर अली, राधे रावत सहित नरवर नगर के विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालक एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा नरवर दुर्ग की गरिमा एवं ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित बनाए रखने के लिए शासन से त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की मांग की।





