शिवपुरी। न्यायाधीश सिद्धी मिश्रा की अदालत में हुए एक फैसले में नाबालिग साली से दुष्कर्म करने वाले जीजा को 21 साल के सश्रम कारावास एवं 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर आरोपित को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजना की ओर से पैरवी डीपीओ संजीव कुमार गुप्ता व एडीपीओ कल्पना गुप्ता ने की। खास बातयह रही कि इस मामले में गवाह अपने बयानों से पलट गए। इसके बाद डीएन की रिपोर्ट सजा का आधार बनी।
अभियोजन के अनुसार घटना वाले दिन पीड़िता अपने घर पर अकेली थी, तभी उसका जीजा उसके घर पहुंच गया और पीड़िता को बहलाफुसला कर उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर दिया। पीड़िता ने डर के चलते घर पर यह घटना किसी को नहीं बताई, लेकिन कुछ दिनों बाद पीड़िता गर्भवती हो गई और उसके पेट में दर्द होने लगा तो उसने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों की शिकायत पर आरोपी जीजा के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया कर विवेचना उपरांत सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रकरण में आए समस्त तथ्यों एवं साक्ष्यों पर विचारण उपरांत न्यायाधीश ने आरोपित को 21 साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।






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