शिवपुरी। जिले में गुड़ी पड़वा के अवसर पर धर्म और आस्था का भव्य आयोजन शुरू हुआ। स्वामी नीलमणिदास के सानिध्य में आयोजित गुड़ी पड़वा महोत्सव के अंतर्गत 1000 चंडी महायज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा का मंगलारंभ किया गया। इस अवसर पर बलारी माता मंदिर से श्रद्धालुओं की पदयात्रा निकाली गई, जो खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंची। पदयात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए और जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
इस दौरान स्वामी नीलमणिदास जी महाराज ने कहा कि आज की नई पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित होकर अपने पारंपरिक त्योहारों को भूलती जा रही है। उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष का प्रतीक है और समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण विश्वविख्यात कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर होंगे, जो श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भक्तों को ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का संदेश देंगे। आयोजन के दौरान चल रहा 1000 चंडी महायज्ञ राष्ट्र की रक्षा और नकारात्मक ऊर्जा के नाश के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मोहित दास ने कहा कि यह महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संदेश देने का माध्यम है।
बलारी माता मंदिर से खेड़ापति हनुमान मंदिर तक निकली पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और साधु-संत शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों का स्वागत किया। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया।







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