शिवपुरी। इस वर्ष होली का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण लगने के कारण इस बार होली के कार्यक्रमों की तिथियों को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शास्त्र सम्मत मुहूर्त के अनुसार 2 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा, जबकि रंगों की होली 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी।
बताया गया है कि 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा। ग्रहण के कारण सूतक काल भी प्रभावी रहेगा, इसलिए इस दिन रंग खेलने और उत्सव मनाने से बचने की सलाह दी गई है। ग्रहण का सूतक काल सुबह से ही प्रारंभ हो जाएगा और ग्रहण समाप्त होने के बाद ही धार्मिक कार्य करना उचित माना गया है।
श्री मंशापूर्ण ज्योतिष, शिवपुरी डॉ. विकासदीप शर्मा के अनुसार ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन बनाने से बचना चाहिए। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर घर में गंगाजल का छिड़काव करना और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने और ग्रहण काल में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भगवान के मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी या कपड़ों का दान करना विशेष पुण्यदायी बताया गया है।







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