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भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री व कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, ओलावृष्टि, नकली कीटनाशक व बिजली-खाद समस्याओं पर मुआवजे की मांग / Shivpuri News

शिवपुरी। भारतीय किसान संघ जिला शिवपुरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री व जिलाधीश के नाम ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि व बेमौसम बारिश से हुई फसल क्षति का तत्काल सर्वे कर मुआवजा और बीमा राशि किसानों के खातों में डालने की मांग की। संघ ने कोलारस, बदरवास, रन्नौद, शिवपुरी, करैरा व पिछोर सहित जिले के 54 गांवों में फसलों के व्यापक नुकसान का उल्लेख किया।
ज्ञापन में अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र, खतौरा से बेची गई कथित नकली कीटनाशक दवाओं से रन्नौद व बदरवास तहसील के 12 गांवों अम्हरा, सिंघारई, बामौरकलां, छापी, एडवारा, रामगढ़ सिमलाई, ठाठी, बिजरौनी, मेघोनाबड़ा, बारौद व पीरोथ में चना-मसूर की फसल खराब होने का आरोप लगाया गया। प्रभावित किसानों को भरपाई देने और नकली बीज-कीटनाशक विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
संघ ने चुनावी घोषणा के अनुसार गेहूं 2700 रुपये और धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल खरीद, खाद की कालाबाजारी पर रोक, राजस्व विभाग में चौथ वसूली बंद करने, किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, बिना भार जांच बढ़ाए गए पंप लोड से आए अतिरिक्त बिलों की वापसी, मंडियों में बड़े फ्लैट कांटों से तुलाई व हम्माली शुल्क हटाने तथा जिला कृषि उपज मंडी में कृषि देवता भगवान बलराम की मूर्ति स्थापना की मांग भी रखी।
संभागीय अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव, जिला अध्यक्ष बृजेश धाकड़, जिला मंत्री बृजेश शर्मा, संभागीय सदस्य राजेश वर्मा, सह प्रचार प्रसार प्रमुख दीपेंद्र पाल, हरिसिंह यादव सहित दो दर्जन से अधिक किसान व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नकली कीटनाशक से फसल बर्बाद होने की पीड़ा लेकर ज्ञापन में शामिल किसान व महिलाएं भावुक नजर आए। बामौरकलां की पीड़ित महिला जगनी जाटव ने कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि खतौरा स्थित अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र से खरीदे गए कथित नकली कीटनाशक के उपयोग से उनकी 15 बीघा चना-मसूर की पूरी फसल नष्ट हो गई। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सर्वे किए जाने के बावजूद अब तक न तो मुआवजा मिला और न ही कोई राहत दी गई। जगनी जाटव ने बताया कि 21 मार्च को बेटी की शादी तय है, ऐसे में पूरा परिवार गहरे संकट में है। फसल की लागत के लिए कर्ज लिया था, लेकिन नकली दवा ने सब कुछ चौपट कर दिया। बेटी की शादी सिर पर है और आमदनी का एकमात्र सहारा भी खत्म हो चुका है। रोते हुए उन्होंने कहा कि अब हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा, हम कहां जाएं कलेक्टर साहब से ही आखिरी उम्मीद है।

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