शिवपुरी: जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मारौरा खालसा में गवाही देने की रंजिश को लेकर एक युवक के साथ गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित बंटी धाकड़ पुत्र खैरू धाकड़ ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को लिखित आवेदन देकर गांव के ही आठ लोगों पर जानलेवा हमला करने, अपमानित करने तथा लगातार धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित के अनुसार, गांव के जनवेद धाकड़ और कप्तान धाकड़ पक्ष के बीच पूर्व में हुए विवाद में उसने जनवेद धाकड़ के पक्ष में गवाही दी थी। इसी बात से नाराज होकर कप्तान धाकड़, बलबीर धाकड़, दामो धाकड़, छत्रसिंह धाकड़, राहुल धाकड़, अभिषेक धाकड़, रोकी धाकड़ और उत्तम धाकड़ उस पर गवाही पलटने का दबाव बना रहे थे। पीड़ित का कहना है कि इस संबंध में उसने पहले भी थाना बैराड़ और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने बताया कि 6 फरवरी 2026 की शाम करीब 6 बजे वह गांव में लच्छी धाकड़ के यहां कार्यक्रम में जा रहा था। जैसे ही वह कप्तान धाकड़ के घर के पास पहुंचा, तभी कप्तान, बलबीर और दामो ने उसे पकड़ लिया और गाली-गलौज करने लगे। जब उसने विरोध किया तो अन्य आरोपी छत्रसिंह, राहुल, अभिषेक, रोकी और उत्तम भी वहां आ गए और सभी ने मिलकर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से बेरहमीपूर्वक मारपीट की। इस हमले में पीड़ित को गंभीर चोटें आईं और उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उसे अपमानित किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई। उसके शोर मचाने पर गांव के अंगद धाकड़ और परसराम धाकड़ मौके पर पहुंचे, जिससे उसकी जान बच सकी।
घटना की रिपोर्ट थाना बैराड़ में दर्ज कराई गई, जिसमें एफआईआर दर्ज हुई है। हालांकि पीड़ित का आरोप है कि रिपोर्ट में हाथ फ्रैक्चर, जानलेवा हमला और अमानवीय कृत्य से संबंधित गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, प्रकरण में उचित धाराएं जोड़ी जाएं तथा उसे, उसके परिवार और गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
ग्राम मारौरा खालसा में गवाही देने के विवाद को लेकर एक किसान और उसके परिवार पर दबाव, मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित बंटी धाकड़ ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को दिए आवेदन में बताया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उसे लगातार परेशान कर रहे हैं और गवाही बदलने का दबाव बना रहे हैं।
आवेदन के अनुसार, जनवेद धाकड़ और कप्तान धाकड़ पक्ष के बीच हुए विवाद में बंटी धाकड़ ने जनवेद के पक्ष में गवाही दी थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी कई दिनों से उसे और उसके परिवार को धमका रहे थे। पीड़ित ने बताया कि उसने पूर्व में भी पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए।
पीड़ित के मुताबिक, 6 फरवरी की शाम वह गांव में एक सामाजिक कार्यक्रम में जा रहा था, तभी रास्ते में आरोपियों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका हाथ टूट गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना के दौरान उसके चिल्लाने पर गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। बाद में उसने थाना बैराड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन उसका कहना है कि पुलिस ने प्रकरण में गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी हैं।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए, उचित धाराएं बढ़ाई जाएं और उसके परिवार व गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पीड़ित ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण भविष्य में उसे या उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं।







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