शिवपुरी: शहर के फिजिकल थाना पुलिस ने मैट्रीमोनियल वेबसाइट की आड़ में चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों पर छापामार कार्रवाई की। पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर एक दर्जन से अधिक युवतियों और महिलाओं सहित कुछ पुरुषों को हिरासत में लिया था।
आरोप है कि ये लोग शादी का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है, जबकि तीन आरोपियों को नोटिस तामील कर कोर्ट में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई शुक्रवार को हुई जबकि खुलासा शनिवार को हुआ।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर फिजिकल थाना पुलिस ने टीवी टॉवर रोड स्थित शिवशक्ति नगर में एक मकान पर दबिश दी। यहां से कई युवतियों और महिलाओं को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। इसके बाद झांसी तिराहा क्षेत्र में भारत गैस एजेंसी के ऊपर पहले माले पर स्थित एक अन्य कॉल सेंटर पर भी कार्रवाई की गई। दोनों स्थानों से मिले लोगों को फिजिकल थाने लाकर पूछताछ की गई।
कॉल सेंटर पर छापे और युवतियों-महिलाओं की गिरफ्तारी की खबर से शहर में फैल गई थी। हालांकि, शुक्रवार रात करीब साढ़े 9 बजे पुलिस ने सभी युवतियों और महिलाओं को थाने से छोड़ दिया, जिसके बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठे और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने मामले को देह व्यापार से जोड़कर भी देखा।
थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टीवी टॉवर रोड स्थित अवध हॉस्पिटल के पास प्रियदर्शनी कॉलोनी और झांसी रोड तिराहा, भारत गैस एजेंसी के पास अवैध रूप से मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित हो रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने दोनों स्थानों पर दबिश दी।
जांच में सामने आया कि आरोपी यूनिक रिश्ते डॉट कॉम और शादी मैचिंग डॉट कॉम नामक वेबसाइटों का इस्तेमाल कर फर्जी रजिस्ट्रेशन करते थे। कॉल सेंटर के कर्मचारी महिला बनकर (प्रतिरूपण कर) ग्राहकों से बातचीत करते, उन्हें शादी का झांसा देकर प्रलोभित करते और क्यूआर कोड व बैंक खातों के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
पूछताछ में कॉल सेंटर के संचालक विवेक, संचालक अमित जैन, मैनेजर देवेश बरैया, मैनेजर निशा राजे, मैनेजर आरती शर्मा, मैनेजर हर्षित यादव और मैनेजर मंजू यादव की भूमिका सामने आई। ये सभी टीवी टॉवर रोड प्रियदर्शनी नगर और झांसी रोड तिराहा स्थित दोनों स्थानों से मैट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे।
पुलिस ने ठगी में प्रयुक्त कंप्यूटर, मोबाइल फोन, रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। मौके से पकड़े गए देवेश बरैया, मंजू यादव और हर्षित यादव को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई और बाद में धारा 35(3) बीएनएसएस के तहत नोटिस देकर न्यायालय में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया गया। बकाया जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि यह कारोबार पिछले एक साल से किराए की दो इमारतों में चल रहा था। टीवी टॉवर रोड स्थित मुख्य कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम तक संचालित होता था। यहां काम करने वाली युवतियों को 6 से 8 हजार रुपए मासिक वेतन पर रखा गया था। ड्यूटी शुरू होने से पहले उनके निजी मोबाइल काउंटर पर जमा करा लिए जाते थे और उन्हें दूसरे मोबाइल दिए जाते थे, जिनसे वे क्लाइंट से बातचीत करती थीं।
आरोप है कि युवतियां अपनी पहचान छुपाकर फर्जी नामों से बात करती थीं। मैट्रीमोनियल साइट पर सुंदर फोटो लगाकर कई फर्जी अकाउंट बनाए गए थे। शादी की बातचीत के नाम पर क्लाइंट से लगातार संपर्क रखा जाता और जब तक वे पैसे ट्रांसफर करते रहते, बातचीत जारी रहती थी।
पुलिस ने जिन दो वेब साइट का जिक्र एफआईआर में किया। इन वेबसाइटों पर आगे बढ़ने के लिए क्लाइंट को पैकेज लेना अनिवार्य था। फ्री रजिस्ट्रेशन के बाद 2 माह का 3 हजार रुपए से लेकर 12 माह का 30 हजार रुपए तक का सब्सक्रिप्शन लिया जाता था। इसके बदले बातचीत और अन्य सुविधाएं देने का दावा किया जाता था।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शादी के नाम पर चल रहा यह कॉल सेंटर सिर्फ ठगी तक सीमित था या इसके पीछे कोई अन्य अनैतिक गतिविधियां भी संचालित हो रही थीं।







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