शिवपुरी: सरकार आदिवासियों को रहने के लिए स्थाई छत के रूप में पीएम जनमन आवास बनवाकर दे रही है। लेकिन मुरम माफिया ने आदिवासियों के लिए आवासों के बगल में ही गहरी खाई खोद दी है। बरसात में पानी भरने से आदिवासी बच्चों के लिए यह खाई खतरा साबित हो सकती है। पिछले एक महीने से अवैध मुरम उत्खनन करके शिवपुरी शहर में बेची जा रही है। मामला शिवपुरी जनपद की ग्राम पंचायत सुहारा के आदिवासी गांव गिरमोरा का है। यहां छोटे सरकारी तालाब से एक महीने में ढाई बीघा में अवैध मुरम उत्खनन हो गया है।
जानकारी के मुताबिक शिवपुरी शहर की सीमा से करीब 15 किमी दूर आदिवासी गांव गिरमोरा बस्ती के नजदीद मुरम का अवैध उत्खनन चल रहा है। मुरम उत्खनन जिस जगह हुआ है, वहां पीएम जनमन आवास योजना के तहत तीन आवासों का निर्माण चल रहा है। करीब ढाई बीघा में 15 से 20 फीट गहराई में मुरम का अवैध उत्खनन हो गया है। सारी मुरम शिवपुरी शहर में लाकर बेची गई है। खास बात यह है कि यह अवैध मुरम उत्खनन दिन की बजाय रात के अंधेरे में चल रहा है। यदि ध्यान नहीं दिया तो पहले से ज्यादा क्षेत्रफल में अवैध मुरम उत्खनन हो जाएगा। साथ ही यह गहरी खाई आदिवासियों के लिए जान का खतरा साबित हो सकती है।
गिरमोरा आदिवासियों का गांव है। गांव के तीन आदिवासियों के पास झोंपड़ी वाली जगह आवास बनाने लायक जगह नहीं। गांव में दूसरी जगह आवास निर्माण बनवा रहे हैं। आवास बन रहा था, तब उस वक्त अवैध उत्खनन नहीं था। लेकिन 20 से 25 दिनों से मुरम माफिया ने जेसीबी व डंपरों से अवैध उत्खनन शुरू कर दिया और देखते ही देखते खाई पाट दी। आवास अभी अधूरे हैं। तालब की जगह गहरी खाई देखकर आदिवासी दहशत में हैं।

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