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हमें आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत: रजनी सिंह चौहान / Shivpuri News

धूमधाम से मनाई गई युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती
बैराड़। युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की 162वी जयंती शनिवार को मनाई गई। बड़े हर्षोल्लास के साथ नगर में विशाल शोभायात्रा निकालकर स्वामीजी के कृतित्व और व्यक्तित्व को याद किया गया। उनके विचारों पर चलने के लिए युवाओं को प्रेरित किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नगर मंत्री रामगेणश रावत के नेतृत्व में नगर में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई,जिसमें समस्त शासकीय अशासकीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। विशाल शोभा यात्रा का शुभारंभ भदेरा माता मंदिर से होते हुए मैन बाजार से होकर न्यू बस स्टैंड से वापिसी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में विशाल शोभायात्रा का समापन हुआ।जिसके बाद स्वामी विवेकानंद जी और भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्जलित कर चित्रो पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ आनंद मिश्रा नगर अध्यक्ष शिवपुरी,विशिष्ट अतिथि नायब तहसीलदार बृजेश कुमार शर्मा,थाना प्रभारी पोहरी रजनी सिंह चौहान,बैराड़ थाना इंचार्ज धर्मेंद्र शिवहरे,इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा,नगर अध्यक्ष कल्लू दुबे,नगर मंत्री रामगणेश रावत,नगर उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार झा, डॉ धर्मेन्द्र शर्मा पोहरी,डॉ सतीश अर्गल पोहरी,सक्रिय सदस्य मनीष पाल,जतिन श्रीवास्तव,सतेंद्र यादव,नगर कला मंच प्रमुख खुशी धाकड़,खेलो भारत प्रमुख वैशाली सगर,श्री भास्कर झा,मंच का संचालन अभिषेक कुमार पांडेय ने किया।नगर अध्यक्ष शिवपुरी डॉ आनंद मिश्रा कहा कि विवेकानंदजी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने शिकागो धर्म सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करके देश का गौरव बढ़ाया।आज की युवा पीढ़ी को स्वामीजी के विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।इस दौरान पदाधिकारियों ने स्वामीजी के पद चिह्नों पर चलने का संकल्प लिया। नायव तहसीलदार ब्रजेश कुमार शर्मा ने कहा कि स्वामीजी का जीवन अनुकरणीय है। युवाओं को उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने समाजसेवा का संदेश दिया है। राष्ट्रप्रेम को परिभाषित किया है। उनके अपने ज्ञान और संस्कारों से भारत का नाम विदेश में भी रोशन किया।आज भी उनका व्यक्तित्व विश्व पटल पर चमचमा रहा है। पोहरी थाना प्रभारी रजनी सिंह चौहान ने कहा कि स्वामी जी महापुरुष थे। उन्होंने कहा था कि 100 युवा मिल जाएं तो देश में बहुत बड़ा परिवर्तन हो सकता है। और कहा कि विद्यार्थी परिषद ने राष्ट्र और समाज को देने वाले महान विभूति,जिनका व्यक्तित्व विराट एवं अद्भुत रहा है। ऐसे व्यक्तित्व वाले स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानकर 1949 से ही लगातार काम करते आ रही है।उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपना आदर्श इसलिए मानती है कि उनके पूरे जीवन को देखने से देश हमें देता है। सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें जैसे भावः मन में उत्पन्न होते हैं, जिसने राष्ट्र और समाज के लिए अपनी पूरी जीवन को खपा दिया। अपने राष्ट्र एवं समाज के लिए सभी सुख-सुविधाओं का त्याग दिया,ऐसे लोग समाज को आज भी प्रेरणा देने का काम कर रहीं हैं श्री भास्कर झा ने आभार प्रकट किया।