भोपाल

देश ने 10 नवंबर 2023 को दिवाली का त्योहार मनाया था। अब 74 दिन बाद यानी 22 जनवरी को एक बार फिर दिवाली मनाने की तैयारी हो रही है। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। राम मंदिर ट्रस्ट ने लोगों से राम दिवाली मनाने की अपील की है। इसके लिए दीयों, केसरिया ध्वज, तोरण और पटाखों का बाजार सज गया है। फूल, इलेक्ट्रॉनिक्स और लाइटिंग कारोबारियों में भी उत्साह है।
कारोबारियों का कहना है, ‘ये पहला मौका है, जब बिना दशहरा-दीपावली के ही एडवांस ऑर्डर आए हैं।’ जिलों में प्रशासन ने पटाखा दुकानों के लिए अस्थाई लाइसेंस दिए हैं। जानकारों की मानें तो आजादी के बाद ये पहला मौका है, जब दिवाली के इतर किसी दूसरे मौके पर पटाखों की दुकानों को अस्थाई लाइसेंस दिए गए हैं।
रतलाम जिले के जावरा एसडीएम अनिल भाना ने तो एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि 22 जनवरी को ऐसा उत्साह होना चाहिए कि दिवाली फीकी पड़ जाए इसलिए हमने 250 दुकानों को लाइसेंस दिए हैं।
भोपाल के थोक मार्केट में लौटी रौनक
भोपाल में सबसे बड़ा थोक पटाखा मार्केट बैरागढ़ में है। दीपावली के मौके पर पूरे शहर में करीब 900 दुकानें लगती हैं। वहीं, बैरागढ़ में 15, करोंद में 2, नर्मदापुरम रोड पर 3 और बैरासिया रोड पर 1 अस्थायी लाइसेंस दुकान है। हर साल दीपावली पर करीब 10 करोड़ का कारोबार होता है।
थोक पटाखा एसोसिएशन के अध्यक्ष दौलत राम सबनानी का कहना है कि दीपोत्सव के बाद शादियों के मुहूर्त के समय ही पटाखों की बिक्री होती है। इस बार 22 जनवरी को लेकर खूब डिमांड है। इसे देखते हुए गोदाम से लेकर दुकानों पर पटाखों का पर्याप्त स्टॉक दुकानदारों ने रखा है। हमें उम्मीद है कि भोपाल में 5 से 7 करोड़ रुपए का कारोबार होगा।
दीपावली की तरह कारोबार की उम्मीद
पटाखों का थोक व्यापार करने वाले प्रदीप चुगाणी का कहना है कि दिवाली जैसा क्रेज नजर आ रहा है। हमारे जो नियमित ग्राहक हैं, वे फोन कर अपने ऑर्डर बुक करा रहे हैं। फुटकर बाजारों के व्यापारी भी बड़ी संख्या में पटाखा लेकर जा रहे हैं। अगले दो दिन में 20 लाख से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। 22 जनवरी के अवसर को देखते हुए रोशनी वाले पटाखों का विशेष स्टॉक बुलाया गया है। हमें दीपावली की तरह ही बिक्री की उम्मीद है। अभी 50, 100, 200 शॉट्स वाले पटाखों की भी खूब डिमांड है।
वहीं, कारोबारी मनोज केसवानी का कहना है कि छोटे दुकानदार चार दिन पहले से ही थोक बाजार से माल उठा रहे हैं। वे कहते हैं कि दिवाली को छोड़कर आम दिनों में पूरे मार्केट में हजारों की बिक्री भी नहीं हो पाती। इस बार ऐसा नहीं है।
गांवों में भी पटाखों की डिमांड
22 जनवरी पर भव्य आतिशबाजी करने के लिए कई परिवार आसपास के गांवों से थोक बाजार में खरीदी करने आ रहे हैं। औबेदुल्लागंज से आए अंकित साहू ने बताया कि हमारे गांव में जश्न जैसा माहौल है। दीपावली पर जितने पटाखे हर साल खरीदते हैं, उतने ही पटाखे रामलला के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने पर भी फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
ओमप्रकाश प्रजापति कहते हैं कि घर को दीप और फूलमालाओं से सजाने की तैयारी है। राम मंदिर को बनता हुआ देखने का सौभाग्य मिला है तो उत्सव मनाने से कैसे पीछे हट सकते हैं। मैं 5 हजार के पटाखे खरीदकर ले जा रहा हूं। पूरा परिवार फिर एक साथ दीपावली मनाएगा
50 हजार दीये गुजरात से बुलाए
दीयों का कारोबार करने वाली माया प्रजापति कहती हैं कि दस दिन पहले ही से लोग दीयों की डिमांड करने लगे थे, हमने 22 जनवरी के उत्साह को देखते हुए 50 हजार दीये बुलाए हैं। दो दिनों में दीपोत्सव की तरह ही बाजार में उत्साह रहेगा। लोग अपने घरों को दीयों से सजा सकें, इसलिए विभिन्न डिजाइन के आकर्षक दीये बुलाए गए हैं।
सामान्य दिनों में भोपाल और आसपास के जिलों से आने वाले दीयों से डिमांड पूरी हो जाती है। इस खास अवसर को देखते हुए गुजरात-महाराष्ट्र से भी दीये बुलाना पड़ रहे हैं।
फूल और लाइटिंग कारोबार में भी उछाल
प्राण प्रतिष्ठा समारोह को देखते हुए सिर्फ पटाखा बाजार में ही उत्साह नहीं है, फूल कारोबारी और लाइटिंग कारोबारी में भी खूब उत्साह है। फूल कारोबार नरेश कुशवाह का कहना है कि रविवार-सोमवार को मंदिर से लेकर घरों तक से आने वाली फूलों की डिमांड को देखते हुए कारोबारी 50 क्विंटल अतिरिक्त फूल मंगा रहे हैं। गेंदा के साथ गुलाब के फूलों की भी खूब बिक्री हो रही है।
वहीं, लाइटिंग व्यापारी अखिलेश पालके का कहना है कि लोग घर, दुकान और प्रतिष्ठानों पर लाइटिंग करा रहे हैं। ऐसी लाइटिंग आमतौर पर दीपावली या शादी समारोह पर ही कराते हैं। हर दिन दो से तीन घरों में जाकर लाइटिंग कर रहा हूं।










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