भोपाल

केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। लोकसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए ये पूर्ण बजट न होकर अंतरिम बजट (लेखानुदान) होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह चुकी हैं कि लोगों को इस बार बजट में किसी घोषणा की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार का नियमित बजट जुलाई में आएगा, बड़ी घोषणाओं के लिए तब तक इंतजार करना होगा।
हालांकि, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार किसानों को बड़ी राहत जरूर देने जा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार करने के लिए अंतरिम बजट में राशि का प्रावधान किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार अंतरिम बजट में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, घरेलू नवाचार और निजी निवेश को बढ़ावा देने पर फोकस कर सकती है। केंद्र की तरह मध्यप्रदेश सरकार भी पूर्ण बजट न लाकर लेखानुदान ही पेश करेगी। जानिए, मोदी सरकार के अंतरिम बजट में मध्यप्रदेश को क्या मिल सकता है और सरकार का फोकस किन सेक्टर्स पर रहने वाला है…

किसान, गरीब, मजदूर, कर्मचारी पर फोकस…
किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ेगी, एमपी के किसानों को फायदा
अंतरिम बजट में मोदी सरकार पीएम किसान सम्मान निधि की राशि 3 हजार रु. बढ़ा सकती है। अभी किसानों को इस योजना में एक साल में 6 हजार रु. मिलते हैं। अगर बढ़ोतरी हुई तो ये राशि 9 हजार रु. हो जाएगी।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा एमपी के किसानों को मिलेगा। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में किसानों की संख्या 1 करोड़ 11 लाख से ज्यादा है। इनमें से करीब 78 लाख किसान मध्यम, लघु और सीमांत की श्रेणी में आते हैं। इन्हें केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6 हजार रु. मिल रहे हैं। मप्र सरकार इस योजना के हितग्राहियों को 6 हजार रु. अलग से देती है। इस तरह एमपी में किसानों को 12 हजार रु. मिलते हैं। अब 3 हजार रु. बढ़ने के बाद किसानों को सालाना 15 हजार रुपए मिलेंगे।
मानक कटौती बढ़ाकर वेतन भोगियों को राहत देने की भी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्रास्फीति पर बढ़ती लागत के कारण 50 हजार रुपए की वर्तमान मानक कटौती को अपर्याप्त माना जाता है। ऐसे में वित्त मंत्री वेतनभोगी वर्ग के लिए मानक कटौती बढ़ाकर राहत दे सकती हैं।

24 जनवरी को वित्त मंत्रालय में अंतरिम बजट पेश करने से पहले हलवा सेरेमनी।
आयुष्मान भारत बीमा योजना : कवर बढ़ाकर 7.5 लाख किया जा सकता है
ये बजट लोकसभा चुनाव से पहले पेश किया जा रहा है इसलिए सामाजिक सरोकार से जुड़ी सेवाओं पर भी सरकार का फोकस रहेगा। केंद्र सरकार के एक अफसर के मुताबिक, आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रु. का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है, इसे बढ़ाकर साढ़े 7 लाख रु. तक किया जा सकता है। आंकड़ों के मुताबिक, स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी के बाद लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है।
मनरेगा मद में 22 हजार करोड़ रुपए ज्यादा खर्च
सूत्रों का कहना है कि बढ़ती लागत के मद्देनजर मनरेगा की मद में चालू वित्त वर्ष के आखिर तक 98 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार इस खर्च को देखते हुए ही मनरेगा के मद में आवंटन करेगी। चालू वित्त वर्ष के बजट के आरंभ में मनरेगा की मद में 60 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था। जिसे सप्लीमेंट्री बजट में बढ़ाकर 74 हजार 500 करोड़ कर दिया गया।

मनरेगा के तहत काम करते श्रमिक।
अब जानिए, एमपी को क्या मिलेगा…
पीएम आवास योजना : 6 लाख मकानों के लिए राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में 38 लाख आवास को स्वीकृति मिली है। इनमें से अभी तक 32 लाख आवास पूरे करने का दावा सरकार ने किया है। अब शेष 6 लाख आवासों के लिए राशि मिलेगी।
मप्र सरकार ने यह भी तय किया है कि लाड़ली बहनों को भी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए फर्स्ट फेस में शहरी क्षेत्र में 1 लाख आवास बनाने का फैसला लिया गया है। नगरीय विकास व आवास विभाग इसके नियम बना रहा है। नीति आयोग के मुताबिक, देश में अब भी 40 प्रतिशत से अधिक लोगों के पास अपना घर नहीं है।
प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना : एमपी के 2 लाख घरों में लगेगा सिस्टम
पीएम नरेंद्र मोदी ने (22 जनवरी) अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम से दिल्ली लौटते ही ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ लाने का ऐलान किया। इस योजना के तहत केंद्र सरकार देशभर में एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाएगी।
इस योजना के तहत केद्र सरकार एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना प्रारंभ करेगी। मध्य प्रदेश में 2 लाख घरों को इस योजना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भोपाल और इंदौर के 25-25 हजार घर शामिल किए जा रहे हैं। नवीन व नवकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे का कहना है कि अगले दो महीने में (लोकसभा चुनाव से पहले) यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
बता दें कि सोलर पैनल से बिजली प्रोड्यूस करने 1 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाने में 45 से 85 हजार रुपए तक का खर्च आता है। इसी तरह 5 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाने पर 2.25 से 3.25 लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है। फिलहाल केंद्र सरकार सोलर एनर्जी से जुड़ी एक योजना ‘नेशनल रूफटॉप स्कीम’ चला रही है। इस योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने पर सरकार की ओर से 40% सब्सिडी दी जाती है।















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