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 नॉमिनेशन का यह प्लान भोपाल लोकसभा सीट पर: भरे जाएंगे 12 अप्रैल से, छुट्टी भी रहेगी 3 दिन; सीधे स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचेंगी पहली बार EVM / मध्यप्रदेश

भोपाल

भोपाल लोकसभा सीट के लिए 12 अप्रैल से नॉमिनेशन लिए जाएंगे। कैंडिडेट्स 19 अप्रैल तक नॉमिनेशन जमा कर सकते हैं, लेकिन 3 दिन छुट्‌टी रहेगी। यानी, कैंडिडेट्स को 5 दिन ही मिलेंगे। लाल परेड ग्राउंड और एमवीएम स्टेडियम से मतदान दल रवाना होंगे, लेकिन पहली बार EVM सीधे पुरानी जेल में बने स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचेंगी।

लोकसभा चुनाव के नॉमिनेशन, चुनाव चिह्न आवंटन समेत कैंडिडेट्स और पार्टी नेताओं को क्या-क्या प्रोसेस अपनानी है, इसे लेकर जिला प्रशासन ने प्लान तैयार किया है। इस पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पार्टी नेताओं से चर्चा भी की और उन्हें पूरी प्रोसेस समझाई।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने राजनीतिक पार्टियों को प्लान के बारे में भी बताया।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने राजनीतिक पार्टियों को प्लान के बारे में भी बताया।

ईवीएम को लेकर अब तक यह है प्रोसेस
भदभदा रोड पर ईवीएम गोडाउन बना है। मतदान सामग्री वितरण के दौरान ईवीएम लाल परेड ग्राउंड और एमवीएम स्टेडियम में लाई जाती थी। यहां से मतदान सामग्री पोलिंग दलों को मिलती थी और फिर वहीं पर जमा होती रही है। इसके बाद सुरक्षा के कड़े घेरे में ये स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचती थी। विधानसभा चुनाव के दौरान भी यही प्रोसेस अपनाई गई थी, लेकिन लाल परेड ग्राउंड-एमवीएम स्टेडियम से स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाने में अफसरों के सामने कई चुनौतियां भी रहती हैं। सुरक्षा के साथ ईवीएम को सुरक्षित तरीके से ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचाया जाता रहा है।

नॉमिनेशन जमा कराने की यह प्रक्रिया रहेगी

  • 12 अप्रैल, शुक्रवार से कलेक्टर कार्यालय में नॉमिनेशन सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक लिए जाएंगे। 19 अप्रैल नॉमिनेशन के लिए आखिरी दिन है।
  • 13 अप्रैल को शनिवार, 14 अप्रैल को रविवार और 17 अप्रैल को रामनवमीं होने से नॉमिनेशन नहीं भरे जाएंगे।
  • एक कैंडिडेट एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अधिकतम 4 नॉमिनेशन भर सकेगा, लेकिन वह दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में नॉमिनेशन नहीं भर सकेंगे।
  • सामान्य और ओबीसी वर्ग के कैंडिडेट के लिए 25 हजार रुपए लगेंगे। वहीं, एससी-एसटी वर्ग को आधी राशि देना होगी।
  • कैंडिडेट्स पर यदि कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज है या पूर्व में हुआ हो तो इसकी जानकारी भी उसे देना होगी।

भोपाल में ऐसी रहेगी व्यवस्था

  • रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के 100 मीटर दायरे में कैंडिडेट्स 3 से ज्यादा गाड़ी नहीं ले जा सकेंगे।
  • नॉमिनेशन के दौरान कैंडिडेट्स समेत 5 लोग रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में प्रवेश कर सकेंगे।
  • नॉमिनेशन की जांच के दौरान कैंडिडेट समेत 3 लोग ही मौजूद रह सकेंगे।

भोपाल लोकसभा में इतने वोटर
लोकसभा में 8 विधानसभा सीटों के 23 लाख 28 हजार 59 मतदाता वोट डालेंगे। 2019 के मुकाबले इस चुनाव में 2.26 लाख वोटर ज्यादा है। इसमें से 11 लाख 95 हजार 428 पुरुष और 11 लाख 32 हजार 454 महिलाएं व 177 थर्ड जेंडर है। खास बात यह है कि महिला और पुरुष मतदाताओं के बीच महज 63 हजार का ही अंतर है।

गोविंदपुरा विधानसभा में सबसे ज्यादा वोटर
भोपाल लोकसभा में सबसे ज्यादा वोटर वाली विधानसभा गोविंदपुरा है। यहां कुल 3.98 लाख मतदाता है। हुजूर में 3.78 लाख और नरेला में 3.51 लाख वोटर है। सीहोर विधानसभा में 2.23 लाख मतदाता हैं।


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