
नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के सांसद ओम बिड़ला को बुधवार को सर्वसम्मति से 17वीं लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया। राजस्थान के कोटा से दो बार के सांसद ओम बिड़ला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा सत्र के तीसरे दिन उनके नाम का प्रस्ताव किया। ओम बिड़ला के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन को एनडीए के सभी सहयोगियों का समर्थन हासिल था। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने भी स्पीकर के लिए ओम बिड़ला का समर्थन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष के लिए ओम बिड़ला का नाम आगे बढ़ाकर एक बार फिर से सबको चौंका दिया। प्रधानमंत्री मोदी महत्वपूर्ण और कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। ओम बिड़ला का नाम स्पीकर पद के लिए आएगा, इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। अगर यह खबर किसी तक पहुंच जाती तो उसका पत्ता साफ होना तय हो जाता।
इसी तरह से अमित शाह को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर किसी को पता नहीं चला था। जय शंकर को विदेश मंत्री बनाया जाएगा, यह भी किसी को पता नहीं था। थावर चंद गहलोत राज्यसभा में सदन के नेता बना दिए जाएंगे। इसके बारे में भी किसी को पता नहीं चल पाया था। प्रधानमंत्री मोदी के ऐसे फैसले केवल चौंकाने के लिए नहीं, बल्कि संदेश देने के लिए भी होते हैं।
इसके पहले कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नामों पर जब फैसला हुआ था, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि इस तरह के फैसले लिए जा सकते हैं। हरियाणा में जब मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया गया तो कई तरह के सवाल खड़े किए गए थे। लेकिन आज हरियाणा भाजपा का गढ़ बनता जा रहा है। वहीं, महाराष्ट्र में देवेंद्र फणनवीस को जब सीएम बनाया गया, तो उस पर भी लोगों की भौंहे तन गई थीं। लेकिन महाराष्ट्र में भी भाजपा मजबूत होती जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के फैसले केवल चौंकाने वाले ही नहीं होते हैं। यह फैसले पार्टी को मजबूती भी प्रदान करते हैं। पीएम जिसके नाम को आगे बढ़ाते हैं या उसका समर्थन करते हैं, तो उसकी खुले दिल से प्रशंसा भी करते हैं।
आज ही जब ओम बिड़ला को सर्वसम्मति से लोकसभा स्पीकर चुन लिया गया, तो पीएम ने उनके बारे में कहा कि ओम बिड़ला का स्पीकर बनना सदन के लिए गर्व की बात है। यह कोटा शहर के लिए गर्व की बात है। ओम बिड़ला जिस तरह से सामाजिक कार्यों के लिए आगे आते रहे हैं। वो खुद उसके साक्षी हैं। गुजरात के भूकंप का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उस वक्त वो गुजरात के सीएम थे और उनका योगदान उन्हें याद है। इसके साथ ही केदारनाथ हादसे में पीड़ित परिजनों के लिए ओम बिड़ला के किए गए योगदान का भी जिक्र किया।
गौरतलब है कि ओम बिड़ला का नाम इससे पहले राष्ट्रीय राजनीति में कभी सुर्खियों में नहीं रहा। सिर्फ दो बार के सांसद ओम बिड़ला को लोकसभा का अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि अहम पदों के लिए केवल अनुभव नहीं और भी समीकरण होते हैं, जो मायने रखते हैं। ओम बिड़ला राजस्थान विधानसभा में कुल तीन बार विधायक रहे हैं और दूसरी बार कोटा से सांसद चुने गए हैं।





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