रेतीली आंधी की वजह से राजस्थान के पश्चिमी इलाके में जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त ! National News

Send Storm in Rajasthan: रेतीली आंधी की वजह से राजस्थान के पश्चिमी इलाके में जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

 जयपुर। पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के पश्चिमी इलाके में पिछले कुछ दिनों से धूल भरी आंधी चल रही है। इससे चारों तरफ रेत के बवंडर दिखाई दे रहे हैं। इस वजह से आम आदमी से लेकर जानवर तक परेशान हैं। बवंडर के चलते सड़कें रेत से पट गई हैं। बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में पिछले एक सप्ताह से धूल भरी आंधी का दौर जारी है। करीब बीस साल बाद इस तरह के हालात बने हैं।
धूल भरी आंधी की वजह से सड़कों पर रेतीले टीले बन गए हैं।और कई जगहों पर रास्ते जाम हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। बीएसएफ के जवान भी रेतीली आंधी से काफी परेशान है। रेल की पटरी पर भी रेत जमा हो गई है। प्रशासन सड़कों से रेत हटवाने में जुटा है । हालांकि, प्रशासन की मुश्किल यह है कि एक बार रेत हटाई जाती है और फिर कुछ ही देर बाद आंधी चलती है तो सड़कों पर फिर जमा हो जाती है ।

रामसर क्षेत्र के मुनाबाव रेल लाइन पर रेत जमा होने से काफी मुश्किल हो रही है । हालांकि, पटरी से रेत हटाने के काम में कर्मचारी लगातार जुटे हैं। रेतीले बवंडर के कारण बीएसएफ के जवानों को भी चौकसी रखने में परेशानी हो रही है । आंधी का सबसे ज्यादा असर बिजली आपूर्तिं पर पड़ा है। इस कारण पेयजल संकट भी गहरा गया है। बाड़मेर व जैसलमेर जिलों के 70 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट चुका है। आवागमन के साधन इन गांवों तक नहीं पहुंच रहे हैं। जगह-जगह बिजली के खंभे व तार टूटकर गिर गए हैं। बुधवार रात तक यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चल रही थी । गुरुवार से आंधी का दौर थोड़ा कम हुआ है ।