
अहमदाबाद। एशियाई शेरों के बाद अब बंगाल टाइगर को भी गुजरात की हवा रास आने लगी है। यहां के महानगरपालिका संचालित प्राणी संग्रहालय में बंगाल टाइगर (सफेद) बाघिन ने चार बच्चों को जन्म दिया है। अब इनकी उम्र साढ़े तीन महीने हो गई है। अब राजकोट के प्रधुम्न प्राणी संग्रहालय में आने वाले लोगों के सामने इन्हें प्रदर्शित किया जा रहा है।
राजकोट के इस प्राणी संग्रहालय में एक नर, पांच मादा तथा चार बाल टाइगर सहित इनकी कुल संख्या 10 हो गई है। अब सफेद बंगाल टाइगर का झुंड पर्यटकों को आकर्षित करेगा। उल्लेखनीय है कि सफेद बाघ एक जिनेटिक परिवर्तन है। विश्व के जंगलों में ये 50 वर्ष से अधिक समय तक नहीं दिखते। राजकोट के इस प्राणी संग्रहालय में शेरों का संवर्धन हो रहा है
यहां तकरीबन 50 शेरों का जन्म हो चुका है। इनकी अदला-बदली कर अन्य प्राणियों को भी इस प्राणी संग्रहालय में लाया गया है। अब सफेद टाइगर को भी देकर उनके बदले अन्य प्राणियों यहां लाया जाएगा। यहां राजकोट के प्रधुम्न प्राणी संग्रहालय में 2014 में शेरों की एक जोड़ी के बदले में छतीसगढ़ के भिलाई के प्राणी संग्रहालय से एक सफेद बाघ और दो बाघिन लाए गए थे।
इसकी वजह से साल 2015 में चार बाघों का जन्म हुआ था। इसके बाद दो अप्रैल 2019 में चार और बच्चों का जन्म हुआ। इनमें एक की हालत नाजुक थी। जिसे प्राणी संग्रहालय के कर्मचारियों ने निरीक्षण कर बोतल की निपल से दूध पिलाकर बड़ा किया। अब यहां सभी प्राणियों की संख्या लगभग 408 हो गई है। यहां प्रति गुरुवार को छात्रों के लिए निशुल्क शिविर आयोजित कर प्रशिक्षित किया जाता है।





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