- बोलीं- जो विधायक सेंगर ने कहा था वही हो गया, उसने मेरी बेटी पर हमला करा दिया
- 5 दिन से होश में नहीं आई है पीड़िता, अभी तक योगी देखने नहीं पहुंचे
लखनऊ. उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता लखनऊ स्थित केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। बाहर भीड़ लगी हुई है, ज्यादातार नेता और मीडियाकर्मी हैं, हालांकि आईसीयू में कोई नहीं जा सकता है। 5 दिन से पीड़िता का परिवार भी आईसीयू के बाहर बैठा है।
दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पीड़िता की मां बाहर आईं, बोलीं- सुप्रीम कोर्ट का फैसला अच्छा है। हमें उनसे ही उम्मीद है। आप लोग चाहेंगे तो बड़े से बड़ा डॉक्टर भी यहां आ जाएगा। अब मुकदमा दिल्ली ट्रांसफर होने से बार-बार यूपी आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह काम पहले हो जाता तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता। अब बेटी ठीक हो जाए तो हम सब कुछ छोड़कर यहां से दिल्ली चले जाएंगे, फिर कभी यूपी नहीं आएंगे। यहां अच्छे लोग नहीं है। मेरी दुनिया उजड़ गई है। अब कभी उन्नाव नहीं जाएंगे। जो सेंगर ने कहा था वही हो गया। उसने मेरी बेटी को मार दिया।
10 नामजद आरोपियों का सेंगर कनेक्शन: योगी के मंत्री का दामाद भी आरोपी
- विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के अलावा जिन 9 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने नामजद केस दर्ज किया है। उनमें पहला नाम मनोज सेंगर का है। यह विधायक का भाई है।
- दूसरा आरोपी विनोद मिश्रा है। ये विधायक का पीए था और सारा काम देखता था।
- तीसरा नाम हरिपाल सिंह का है, जो दुष्कर्म मामले में आरोपी महिला शशि का पति है।
- पांचवा, नवीन है, ये शशि का लड़का है।
- छठां आरोपी कोमल सिंह है, ये विधायक के गांव के बगल का है, सेंगर का खास है।
- सातवां आरोपी अरुण सिंह है, यह योगी सरकार में कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र सिंह उर्फ धुन्नी सिंह का दामाद है। अरुण सिंह उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक से प्रमुख भी है।
- आठवां आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह हैं, ये उन्नाव जिले का पत्रकार, वकील बताया जाता है।
- नौवां आरोपी रिंकू सिंह है, यह विधायक कुलदीप सेंगर का साथी बताया जाता है।
- दसवां आरोपी अवधेश सिंह है, यह दुष्कर्म मामले में विधायक सेंगर का वकील है।
कुछ देर के लिए पीड़िता को वेंटीलेटर से हटाया, पर फिर वापस लाना पड़ा
पीड़िता की चचेरी बहन ने बताया कि जब कपड़े बदलने होते हैं तो मुझे अंदर ले जाया जाता है, नहीं तो हम सिर्फ उसे बाहर से ही देख सकते हैं। बहन 5 दिन से होश में नहीं आई है। उसे कई जगह चोट लगी है। आज मेरी मौजूदगी में उसे वेंटीलेटर से हटाया गया, पर कुछ देर बाद ही फिर से वेंटीलेटर पर लाना पड़ा। केजीएमयू के मीडिया सेल इंचार्ज प्रो. डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि पीड़िता की हालत में अभी कोई सुधार नहीं है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। वह होश में नहीं है।
पीड़िता की चचेरी बहन ने बताया कि जब कपड़े बदलने होते हैं तो मुझे अंदर ले जाया जाता है, नहीं तो हम सिर्फ उसे बाहर से ही देख सकते हैं। बहन 5 दिन से होश में नहीं आई है। उसे कई जगह चोट लगी है। आज मेरी मौजूदगी में उसे वेंटीलेटर से हटाया गया, पर कुछ देर बाद ही फिर से वेंटीलेटर पर लाना पड़ा। केजीएमयू के मीडिया सेल इंचार्ज प्रो. डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि पीड़िता की हालत में अभी कोई सुधार नहीं है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। वह होश में नहीं है।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षाकर्मी दोषी, 3 पुलिस सस्पेंड
एसपी उन्नाव ने पीड़िता की सुरक्षा में तैनात सिपाही सुदेश, रूबी पटेल और सुनीता देवी को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। इनसे सीबीआई पूछताछ कर रही है।
एसपी उन्नाव ने पीड़िता की सुरक्षा में तैनात सिपाही सुदेश, रूबी पटेल और सुनीता देवी को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। इनसे सीबीआई पूछताछ कर रही है।
पीड़िता का पत्र जज तक पहुंचाने में देरी की जांच होगी
काेर्ट ने पीड़िता का पत्र चीफ जस्टिस के सामने पहुंचने में हुई देरी की जांच का आदेश दिया है। काेर्ट के जज की निगरानी में काेर्ट के सेक्रेटरी जनरल काे 7 दिन में जांच पूरी करनी हाेगी।
काेर्ट ने पीड़िता का पत्र चीफ जस्टिस के सामने पहुंचने में हुई देरी की जांच का आदेश दिया है। काेर्ट के जज की निगरानी में काेर्ट के सेक्रेटरी जनरल काे 7 दिन में जांच पूरी करनी हाेगी।
पीड़िता का नाम नहीं मालूम होने से हुई गलती: सेक्रेटरी
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से सेक्रेटरी जनरल ने बताया कि पीड़िता के पत्र को जज तक पहुंचाने में देरी जानबूझ कर नहीं की गई। पीड़िता का नाम नहीं मालूम होने से गलती हुई।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से सेक्रेटरी जनरल ने बताया कि पीड़िता के पत्र को जज तक पहुंचाने में देरी जानबूझ कर नहीं की गई। पीड़िता का नाम नहीं मालूम होने से गलती हुई।





Be First to Comment