
बिलासपुर। कानन पेंडारी जू में पहले 30 मीटर और अब 70 मीटर बाउंड्रीवाल गिर गई। इससे बड़ा हिस्सा खुल गया है। जहां से आसपास गांव के मवेशी और कुत्ते जू में घुस रहे हैं। वन विभाग ने खुली जगह को नेट से ढंकने की कोशिश की है,लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।
किसी भी जू के लिए सबसे अनिवार्य बात यह है कि उसे पूरी तरह से बाउंड्रीवाल से सुरक्षित होना चाहिए। यही कारण है कि राज्य शासन ने जू बनने साथ ही इसके लिए पर्याप्त फंड जारी किया था। 2008 में कानन पेंडारी को भी चारों तरफ से घेरा गया था
निर्माण में बरती गई लापरवाही और वन अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारण बनने के साथ ही बाउंड्रीवाल ढहने लगी है। अब तक यहां 580 मीटर बाउंड्रीवाल गिर चुकी है। बारिश में अब शेष बचे हिस्से भी ढहने लगे हैं। गुरुवार को 30 मीटर बाउंड्रीवाल गिरी थी। अब शुक्रवार को फिर 70 मीटर गिर गई। वन विभाग के पास इस खुले हिस्से को ग्रीन नेट या बार्बेट वायर से घेरने के लिए संसाधन नहीं था।
इसके कारण अभी जू एक तरफ से खुला है। कहा जा रहा है कि पीछे की तरफ जो हिस्सा बचा है वह भी बहुत जर्जर हो चुका है। कभी भी वह हिस्सा भी ढह सकता है। वन विभाग के पास फिलहाल उस ढह चुके हिस्से में फिर से बाउंड्रीवाल बनाने के लिए फंड का भी अभाव है। पूर्व में इसके लिए शासन से राशि जारी हुई थी लेकिन वन अधिकारियों की लापरवाही से फंड वापस हो गया
कुत्तों से चीतल को खतरा
कानन पेंडारी जू से लगे हुए गांव के पालतू जानवर और कुत्ते शुक्रवार को जू में घुस गए थे। उनको देखकर चीतल के केज में भगदड़ मच गई थी। वन अमले ने इसे देख लिया और कुत्तों को जू से बाहर खदेड़ा। जल्द अगर जू को पूरी तरह से नहीं घेरा गया तो विशेषकर कुत्तों से चीतल को खतरा होने की बात कही जा रही है
इनका कहना है
बाउंड्रीवाल का जितना हिस्सा गिरा है उसे घेरने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही यहां बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा।





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